पश्चिम बंगाल में ₹1.47 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन, औद्योगिक विकास को नई गति
पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण को गति देने के लिए एक बड़ा बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) पाइपलाइन तैयार है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 तक राज्य में 82 केंद्रीय क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं, जिनकी संशोधित लागत लगभग ₹1.47 लाख करोड़ है। इन परियोजनाओं पर अब तक लगभग ₹79,609 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। यह निवेश राज्य के लिए एक बड़े औद्योगिक बदलाव का अवसर प्रस्तुत करता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बंगाल को अपनी मौजूदा औद्योगिक और भौगोलिक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए एक एकीकृत, क्लस्टर-आधारित विनिर्माण रणनीति अपनानी चाहिए। यह रणनीति कोलकाता-हल्दिया-दुर्गापुर-खड़गपुर-हावड़ा औद्योगिक बेल्ट और पूर्वी व उत्तर-पूर्वी बाजारों से कनेक्टिविटी का उपयोग करेगी, ताकि विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स संपर्कों को मजबूत किया जा सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन में शामिल प्रमुख क्षेत्र
इस इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन में रेलवे क्षेत्र की 16 परियोजनाएं (₹60,772 करोड़) सबसे बड़ा हिस्सा हैं, जबकि सड़क एवं राजमार्ग क्षेत्र में 24 परियोजनाएं (₹15,963 करोड़) शामिल हैं। ऊर्जा क्षेत्र में 3 बिजली उत्पादन परियोजनाओं पर ₹21,645 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इसके अलावा, कोयला, तेल-गैस, स्टील, अंतर्देशीय जलमार्ग, ऊर्जा भंडारण, विमानन और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में भी परियोजनाएं चल रही हैं।
रिपोर्ट इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स को दो प्रमुख अवसरों के रूप में पहचानती है। पश्चिम बंगाल का मौजूदा इंजीनियरिंग आधार, जिसमें हावड़ा का फाउंड्री इकोसिस्टम और दुर्गापुर, खड़गपुर, कल्याणी की क्षमताएं शामिल हैं, को प्रेसिजन कंपोनेंट्स, रेलवे और ऑटो कंपोनेंट्स, एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों के लिए मजबूत किया जा सकता है। दूसरा अवसर इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) हब बनाने का है, जिसके लिए कोलकाता का इंजीनियरिंग इकोसिस्टम और नैहाटी व फल्टा में मौजूदा क्लस्टर लाभदायक होंगे।
रिपोर्ट में औद्योगिक भूमि की उपलब्धता को एक प्रमुख चुनौती बताया गया है। इसमें सुझाव दिया गया है कि राज्य को 5,000-10,000 एकड़ की रोलिंग इंडस्ट्रियल लैंड पाइपलाइन बनानी चाहिए। राज्य सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी, रसद, पेयजल और सिंचाई जैसे क्षेत्रों में भी नई औद्योगिक नीतियों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि सरकार किसानों से जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं करेगी और उद्योगों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए अन्य राज्यों के सफल मॉडलों पर विचार कर रही है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खड़गपुर-भद्रक चौथी रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी दी है, जिसका स्वागत मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया है। 173 किलोमीटर की यह परियोजना पूर्वी तटीय कॉरिडोर को मजबूत करेगी और माल ढुलाई तथा यात्री परिवहन को बढ़ावा देगी। इसके अलावा, भारतीय रेलवे राज्य में ₹1 लाख करोड़ के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लागू करेगी। गेल ने हावड़ा और पूर्वी मिदनापुर में बाधाओं के बाद राजारामबाटी-हल्दिया और धामरा-हल्दिया गैस पाइपलाइनों को सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे औद्योगिक गैस आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा।
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