जादुगोड़ा में UCIL कर्मचारियों से साइबर ठगी के मामले बढ़े, लाखों की निकासी
झारखंड के जादुगोड़ा इलाके में साइबर अपराधियों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो विशेष रूप से यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) के मौजूदा और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपना निशाना बना रहा है। खबरों के अनुसार, पूर्व कर्मचारियों के बैंक खातों से साइबर अपराधियों ने लाखों रुपये की अवैध निकासी की है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। यह मामला उस समय सामने आया है जब UCIL के कर्मचारी पहले से ही अपनी वेतन वृद्धि और पेंशन को लेकर चिंतित हैं।
फिशिंग कॉल और फर्जी ऐप से ठगी का खेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह फिशिंग कॉल, फर्जी मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया के जरिये UCIL कर्मचारियों तक पहुंच बना रहा है। कई पीड़ितों के साथ ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड किया गया है, जिसमें बिना किसी ओटीपी या अलर्ट के बैंक खातों से पैसे निकाल लिए गए। इस मामले में अब तक 10 से अधिक शिकायतें UCIL थाने में दर्ज कराई जा चुकी हैं, जिनकी कुल राशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच में जुटी साइबर सेल
स्थानीय प्रशासन ने UCIL प्रबंधन से इस मामले में सहयोग मांगा है, क्योंकि कंपनी के सर्वर और आंतरिक डेटा भी साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील हैं। पुलिस ने पीड़ितों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है और कुछ संदिग्ध बैंक खातों को ब्लॉक कर दिया है। फोरेंसिक जांच के लिए साइबर सेल की एक विशेष टीम भी बनाई गई है। कंपनी, जो देश की प्रमुख यूरेनियम खनन कंपनी है, ने अपने कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
हालांकि, रिटायर्ड कर्मचारियों तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि वे सक्रिय कर्मचारियों की तरह ईमेल और कंपनी एप्लिकेशन तक नियमित पहुंच नहीं रखते। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी मोबाइल ऐप को डाउनलोड न करें, किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर अपराधियों के खिलाफ जांच जारी है और प्रशासन का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के सदस्यों तक पहुंचा जाएगा।
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