तेलंगाना पुलिस ने ₹3.5 करोड़ की साइबर ठगी में बिहार के 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार, देशभर में 498 शिकायतें दर्ज
हैदराबाद, 21 अगस्त 2026 – तेलंगाना पुलिस ने फर्जी फ्रेंचाइजी और ऑनलाइन लोन के नाम पर देशभर में ₹3.5 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के नवादा और नालंदा जिलों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ देशभर में 498 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें अकेले तेलंगाना में 90 मामले शामिल हैं।
यह कार्रवाई तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के जैनाथ थाने में दर्ज एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी। एक स्थानीय निवासी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे उर्वरक कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ₹3.85 लाख की ठगी की गई। पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेन-देन की तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन लोन के जरिए ठगी का तरीका
आरोपियों ने एक फर्जी उर्वरक कंपनी की वेबसाइट बनाई थी, जिसमें ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई थी। इच्छुक लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और बैंक खाते की जानकारी मांगी जाती थी। इसके बाद उन्हें कई चरणों में सर्विस चार्ज, लाइसेंस फीस और ट्रेड ट्रांसफर फीस जैसे नामों पर पैसे देने को कहा जाता था और पैसे मिलने के बाद आरोपी संपर्क करना बंद कर देते थे। इसके अलावा, गिरोह ऑनलाइन लोन की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर लोन प्रोसेसिंग, वेरिफिकेशन और अन्य शुल्क के नाम पर भी पैसे ऐंठता था।
आदिलाबाद के एसपी अखिल महाजन ने बताया कि आरोपी बिहार में सामान्य जीवनशैली बनाए रखते हुए ऑनलाइन चैनलों के जरिए देश भर में लोगों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से 10 मोबाइल फोन और ₹70,000 नकद बरामद किए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ठगी की राशि में से करीब ₹8 लाख को बैंक खातों और शेयर बाजार में निवेश किया था, जिसे कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त या फ्रीज कर दिया गया है।
पुलिस अब उनके डिजिटल संपर्कों, अन्य संभावित पीड़ितों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए जब्त किए गए डिवाइसों की जांच कर रही है। इस मामले की जांच जारी है और संदिग्धों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
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