रेल-सड़क कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा: कैबिनेट ने ₹13,040 करोड़ के 4 रेल प्रोजेक्ट्स और NH-22 चार-लेनीकरण को दी मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बुधवार को देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया। कैबिनेट ने ₹9,450 करोड़ की लागत से चार रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे कुल 410 किलोमीटर का रेल नेटवर्क विकसित होगा। साथ ही, बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन के चार-लेनीकरण को भी ₹3,590.73 करोड़ की लागत से हरी झंडी दे दी गई है। कुल मिलाकर यह निवेश ₹13,040 करोड़ से अधिक का है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख कॉरिडोरों को डिकंजेस्ट करना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
चार रेलवे परियोजनाएं: हावड़ा-चेन्नई कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती
मंजूर की गई चारों रेल परियोजनाएं हावड़ा-चेन्नई हाई-डेंसिटी कॉरिडोर (HDN) के विस्तार से जुड़ी हैं। इनमें पश्चिम बंगाल और ओडिशा में खड़गपुर-भद्रक (रानीतल) चौथी लाइन (173 किमी, ₹3,352 करोड़), ओडिशा में भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन (75 किमी, ₹1,583 करोड़), आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में गुम्मिडीपुंडी-गुडूर तीसरी-चौथी लाइन (90 किमी, ₹2,229 करोड़) और ओडिशा में कटक-पारादीप (बदाबंधा) तीसरी-चौथी लाइन (72 किमी, ₹2,286 करोड़) शामिल हैं। इस रूट पर वर्तमान क्षमता का 101% उपयोग हो रहा है, जो 2030 तक 131-177% तक पहुंच सकती है, ऐसे में ये परियोजनाएं रेलवे लाइनों पर बढ़ते दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
NH-22 चार-लेनीकरण: नेपाल सीमा तक बेहतर सड़क संपर्क
बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन का 82.58 किमी लंबा हिस्सा हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर चार-लेन किया जाएगा। यह कॉरिडोर सोनबरसा (नेपाल सीमा) को मुजफ्फरपुर से जोड़ेगा, जो एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर) से जुड़ता है। इस परियोजना के पूरा होने से यात्रा का समय 2 घंटे से घटकर 1 घंटा हो जाएगा, और बिहार नेपाल के साथ व्यापार और पर्यटन के लिए एक प्रमुख गेटवे के रूप में उभरेगा।
इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से रूट की माल ढुलाई क्षमता में 76 मिलियन टन प्रति वर्ष की वृद्धि होगी। वहीं, लगभग 6,448 गांवों (करीब 60 लाख आबादी) को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को व्यापक बढ़ावा मिलेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हावड़ा-चेन्नई रूट के क्वाड्रुपल हो जाने से 45% अधिक ट्रेनें चल सकेंगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, माल ढुलाई तेज होगी और पूर्वी तटीय कॉरिडोर को मजबूती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य इन परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करना है, जिससे देश के बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा मिल सकेगी।
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