नेपाल हिंसा: जांच समिति का बढ़ा कार्यकाल, PM की सख्त चेतावनी
सुनसरी-सिराहा सांप्रदायिक हिंसा का मामला: निष्पक्ष तफ्तीश के लिए सरकार ने दिया 2 महीने का अतिरिक्त समय; उपद्रवियों पर कसता शिकंजा
📍 काठमांडू (नेपाल) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट
नेपाल के कोशी और मधेश प्रांत के सुनसरी तथा सिराहा जिलों में बीते दिनों हुई भीषण सांप्रदायिक हिंसा की विस्तृत व निष्पक्ष जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय जांच समिति का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्रालय और मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार, हिंसा के पीछे की गहरी साजिशों को उजागर करने और मुख्य साजिशकर्ताओं को कानून के कटघरे में लाने के उद्देश्य से समिति को दो महीने का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है।
जटिल साक्ष्यों के विश्लेषण के लिए जांच समिति का कार्यकाल 2 महीने के लिए और विस्तारित।
उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई 2026 को सुनसरी जिले में लाउडस्पीकर के प्रयोग और धार्मिक झंडों को लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव शुरू हुआ था, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। यह हिंसा तेजी से पड़ोसी जिले सिराहा, सप्तरी और धनुषा तक फैल गई थी। इस उपद्रव व पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुल तीन लोगों की दुखद मौत हो गई थी जबकि दर्जनों नागरिक और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को कई जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू व निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी थी।
मामले की शुरुआती एक महीने की समय सीमा के दौरान साक्ष्यों के संकलन, गवाहों के बयान दर्ज करने और उपद्रव भड़काने वाले सोशल मीडिया हैंडल को ट्रैक करने में काफी तकनीकी जटिलताएं सामने आईं। इसके बाद समिति के अनुरोध पर सरकार ने कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दी, ताकि कोई भी दोषी कानूनी ढील का लाभ उठाकर बच न सके।
🇳🇵 प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का कड़ा संदेश: बख्शे नहीं जाएंगे उपद्रवी
देश में सामाजिक सद्भाव और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने स्पष्ट किया है कि सरकार किसी भी धार्मिक या सामाजिक कटुता फैलाकर देश को अशांत करने वाली ताकतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और धैर्य बनाए रखने की बात कही।
“दोषियों को कानून के तहत मिलेगी कठोरतम सजा; अफवाह फैलाने वालों पर रखी जा रही है कड़ी नजर।”
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर हर एक दोषी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, प्रभावित जिलों में अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और व्यापारिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट रही हैं, हालांकि सुरक्षा बल एहतियातन लगातार गश्त कर रहे हैं।
जांच समिति की अवधि में विस्तार से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। कोशी वॉइस न्यूज़ अपने सभी पाठकों से आपसी भाईचारा, शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील करता है।


