
15 जून 2026 तक नाबालिगों के खिलाफ 1,404 मामले दर्ज; संगठित गिरोहों और नशे की लत के चलते गंभीर संगीन वारदातों में बढ़ी हिस्सेदारी
📍 नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली से बाल अपराध (Juvenile Crime) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। दिल्ली पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 के शुरुआती 6 महीनों में ही नाबालिगों द्वारा किए जाने वाले अपराधों में 30 प्रतिशत का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, 15 जून 2026 तक नाबालिगों के खिलाफ कुल 1,404 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,080 थे। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि नाबालिग अब केवल छोटी-मोटी चोरियों तक सीमित न रहकर संगीन और हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
“लूट और डकैती के मामलों में 55% और हत्या के प्रयास के मामलों में 54% की बढ़ोतरी हुई है। NCRB के अनुसार, दिल्ली लगातार 3 साल से मेट्रो शहरों में बाल अपराध में नंबर वन पर है।”
📊 अपराध दर में बढ़ोतरी का पूरा ब्योरा
• लूट एवं डकैती: 104 से बढ़कर 161 मामले हुए (55% वृद्धि)
• हत्या की कोशिश: 103 से बढ़कर 159 मामले हुए (54% वृद्धि)
• बलात्कार: 61 से बढ़कर 86 मामले दर्ज (41% वृद्धि)
• हत्या: 80 से बढ़कर 100 मामले हुए
• चोरी और सेंधमारी: 278 से बढ़कर 334 मामले पहुंचे
⚠️ संगठित गिरोहों का इस्तेमाल और साइबर क्राइम का बढ़ता ग्राफ
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि स्कूल छोड़ने, नशे की लत और दोस्तों की गलत संगत के अलावा संगठित आपराधिक गिरोह भी नाबालिगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कम सजा के कानूनी प्रावधानों का फायदा उठाकर गैंगस्टर उनसे हथियार सप्लाई और रंगदारी वसूलवा रहे हैं।
इसके साथ ही देश में साइबर अपराधों में भी 31.2% की वृद्धि दर्ज की गई है। हाल ही में हैदराबाद साइबर पुलिस ने 5 राज्यों में कार्रवाई करते हुए 36 अपराधियों को गिरफ्तार कर 49 लाख रुपये बरामद किए हैं।



