
तीस हजारी कोर्ट ने मात्र 60 दिनों में पूरा किया ट्रायल, BNS की धारा 70 के तहत देश में मिली अब तक की सबसे त्वरित और बड़ी सजा
📍 नई दिल्ली
देश की न्यायिक प्रणाली में आज एक ऐतिहासिक मिसाल कायम हुई है। दिल्ली की तीस हजारी स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) के तहत सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के एक मामले में मुख्य आरोपी को 20 साल की सश्रम कारावास और ₹10 लाख के भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने त्वरित सुनवाई करते हुए मात्र 60 दिनों के भीतर इस पूरे मामले का ट्रायल संपन्न कर फैसला सुनाया, जो नए आपराधिक कानूनों (New Criminal Laws) के प्रभावी और तेज क्रियान्वयन को साफ तौर पर दर्शाता है।
“BNS 2023 की धारा 70 के तहत सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में न्यूनतम 20 वर्ष की कठोर कैद का प्रावधान है। 60 दिन में आया यह फैसला अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है।”
⚖️ BNS 2023: IPC की जगह नया कानून और सख्त प्रावधान
गौरतलब है कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुई भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने ब्रिटिशकालीन IPC का स्थान लिया है। नए कानून में महिलाओं और बच्चों से जुड़े गंभीर अपराधों के लिए न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध और सख्त बनाया गया है। धारा 70 के अंतर्गत गैंगरेप के दोषियों के लिए न्यूनतम 20 वर्ष से लेकर प्राकृतिक जीवन के अंत तक की कठोर कैद सुनिश्चित की गई है।
फास्ट-ट्रैक न्याय प्रणाली की बड़ी सफलता
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ दो महीने में आया यह फैसला यह साबित करता है कि नई आपराधिक कानून व्यवस्था में फास्ट-ट्रैक कोर्ट अब धरातल पर नतीजे दे रही हैं। पीड़ित पक्ष को त्वरित और सख्त न्याय मिलने से न्यायपालिका पर आम जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।



