
🚨 उत्तर प्रदेश: राज्य में अपराध और आर्थिक अपराधों के खिलाफ जारी अभियान के तहत पुलिस को दो अलग-अलग जिलों में बड़ी सफलताएं मिली हैं। कानपुर और नोएडा जिलों से सामने आई इन कार्रवाइयों ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के संगठित अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
🔍 पहला मामला कानपुर जिले से सामने आया है, जहां पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने मानव तस्करी जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से वांछित 25,000 रुपये की इनामी महिला आरोपी, जिसे क्षेत्र में ‘लेडी डॉन’ पलक के नाम से जाना जाता था, को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला मासूम लोगों और युवतियों की तस्करी के गिरोह का संचालन कर रही थी। पुलिस काफी समय से इसकी तलाश में दबिश दे रही थी, और अंततः गुप्त सूचना के आधार पर उसे धर दबोचा गया।
- 👉 कानपुर में कार्रवाई: मानव तस्करी मामले में फरार 25 हजार की इनामी ‘लेडी डॉन’ पलक गिरफ्तार।
- ⚖️ नोएडा में भंडाफोड़: शेल (फर्जी) कंपनियों के जरिए चलाए जा रहे करोड़ों के अवैध हवाला रैकेट का पर्दाफाश।
- 📱 बरामदगी: आरोपियों के पास से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, बैंक डिटेल्स और मोबाइल बरामद।
🗣️ नोएडा में हवाला नेटवर्क का खुलासा: दूसरी बड़ी कार्रवाई हाई-टेक शहर नोएडा में हुई है, जहां पुलिस और जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम ने फर्जी कंपनियों के जरिए चलाए जा रहे करोड़ों रुपये के अवैध हवाला कारोबार का पर्दाफाश किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कई फर्जी कंपनियां खड़ी कर रखी थीं, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध वित्तीय लेनदेन और हवाला के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था।
💡 जांच एजेंसियों का कसता शिकंजा: दोनों ही मामलों में पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य और बैंक खाते की डिटेल्स जब्त कर ली हैं। नोएडा मामले में वित्तीय अपराध से जुड़ी अन्य केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचित किया गया है ताकि हवाला नेटवर्क की कड़ियों को देश-विदेश स्तर पर खंगाला जा सके।
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