बिहार में साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई: 6 महीने में 475 FIR, 103 गिरफ्तार, CCSU ने कसा शिकंजा
बिहार में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) ने पिछले छह महीनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 475 एफआईआर दर्ज की हैं और 103 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यूनिट ने डीपफेक वीडियो, फेक न्यूज, साइबर स्टॉकिंग और अश्लील कंटेंट फैलाने वालों पर विशेष फोकस करते हुए यह अभियान चलाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने अपनी निगरानी और तकनीकी जांच की प्रक्रिया को और मजबूत किया है।
ऑनलाइन पेट्रोलिंग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए CCSU ने ऑनलाइन पेट्रोलिंग के दौरान 1320 आपत्तिजनक URL को विभिन्न प्लेटफॉर्म से हटवाया। वहीं, सोशल मीडिया कंपनियों को 692 कानूनी नोटिस भेजे गए, जिसके बाद 529 फर्जी और आपत्तिजनक अकाउंट बंद कराए गए। यूनिट लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रख रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री को समय रहते हटाया जा सके।
महिला सुरक्षा और डीपफेक पर विशेष फोकस
महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े साइबर अपराधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर बदनाम करने, मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे मामलों में तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार डीपफेक वीडियो और फर्जी ऑडियो को भी गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फेक न्यूज और अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। CCSU ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक पदों, न्यायपालिका और सरकारी संस्थानों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन और हिंसा भड़काने वाली सामग्री भी पुलिस की निगरानी में है। ऐसी सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
CCSU की टीम 24 घंटे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब, टेलीग्राम समेत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म की ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर रही है। बिहार पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी अपुष्ट जानकारी, फर्जी वीडियो या भ्रामक पोस्ट को साझा न करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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