
पटना में छात्रों पर हुई लाठीचार्ज की घटना को लेकर बिहार विधानसभा में भारी राजनीतिक घमासान हुआ। विधायक आपस में भिड़ गए जिसके बाद मार्शलों की मदद से स्थिति संभाली गई और सदन की कार्यवाही को मात्र 8 मिनट के भीतर ही स्थगित करना पड़ा।
बिहार की राजधानी पटना स्थित विधानसभा में आज भारी हंगामे और गर्मा-गर्मी का माहौल देखने को मिला। पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में विपक्षी दलों ने सदन के भीतर जोरदार हंगामा किया। देखते ही देखते विरोध इतना बढ़ गया कि सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक सीधे आमने-सामने आ गए और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि अधिकारों और रोजगार की मांग कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर तुरंत कार्यस्थगन प्रस्ताव लाकर विस्तृत चर्चा कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
हंगामे के दौरान जब सत्तापक्ष के नेताओं ने विपक्ष के आरोपों का विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि कई विधायक वेल में आकर एक-दूसरे के बेहद करीब पहुंच गए और हाथापाई की नौबत आ गई। माहौल बिगड़ता देख विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मार्शलों को तुरंत बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा।
मार्शलों ने कड़ी मशक्कत के बाद आमने-सामने आए विधायकों को एक-दूसरे से दूर किया और स्थिति पर नियंत्रण पाया। हालांकि, हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन में व्यवस्था बनाए रखना पूरी तरह असंभव हो गया। इसके चलते विधानसभा अध्यक्ष को मजबूरी में सदन की कार्यवाही शुरू होने के महज 8 मिनट के भीतर ही स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी।
घटना के बाद परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए विपक्ष ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई जारी रहेगी। वहीं सत्तापक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित करने और केवल राजनीति करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद से राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
Disclaimer: Koshi Voice News पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। किसी भी आरोप या दावे की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
किसी समाचार, फोटो, वीडियो, ऑडियो या अन्य सामग्री से संबंधित कोई आपत्ति, शिकायत या कॉपीराइट दावा हो तो
Grievance Officer से संपर्क करें: 📧 ceo@koshivoice.in
📱 WhatsApp: +91 92790 09245 उचित प्रमाण मिलने पर मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई लागू नियमों के


