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BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR छात्रों से मांगी माफी, कहा- शब्दों से आहत होने पर खेद है

नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026 – बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों और शिक्षकों से अपने हालिया बयानों और पत्रों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह कदम NALSAR स्टूडेंट बार काउंसिल द्वारा उनकी टिप्पणियों की कड़ी निंदा करने और माफी की मांग करने के बाद आया है। BCI अध्यक्ष ने कहा कि “अगर मेरे किसी शब्द या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो मुझे इसका खेद है।”

BCI अध्यक्ष ने अपने बयानों और पत्रों के लिए सीधे तौर पर माफी मांगी, जिसमें उन्होंने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत को दीक्षांत समारोह में बुलाए जाने के विरोध को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी और 2026 बैच के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक लगाने की बात कही थी। इस पूरे विवाद ने कानूनी शिक्षा जगत में छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायिक जवाबदेही जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से उठाया है।

छात्रों ने बताया था ‘प्राइवेसी का उल्लंघन’

गौरतलब है कि NALSAR स्टूडेंट काउंसिल ने BCI अध्यक्ष के पत्र को “प्राइवेसी का दखलपूर्ण उल्लंघन” और “लोकतांत्रिक असहमति को दबाने की कोशिश” करार दिया था। छात्रों ने यह भी कहा था कि BCI प्रमुख ने CJI को बुलाए जाने के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वाले छात्रों की पहचान उजागर करने की कोशिश की, जो अनुचित है। छात्रों ने अपने बयान में स्पष्ट किया था कि BCI अध्यक्ष जो राज्यसभा सदस्य भी हैं, अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और छात्रों की राजनीतिक असहमति को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।

BCI अध्यक्ष का यह माफीनामा छात्रों द्वारा लगातार दबाव बनाने और मामले को सार्वजनिक किए जाने के बाद आया है। छात्रों ने BCI अध्यक्ष से औपचारिक माफी की मांग की थी और कहा था कि एनरोलमेंट पर रोक वापस लेना पर्याप्त नहीं है। अब BCI अध्यक्ष के माफी मांगने के बाद देखना होगा कि NALSAR स्टूडेंट काउंसिल इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

यह पूरा प्रकरण कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों के अधिकारों और संस्थागत जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने यह सवाल उठाया है कि क्या किसी संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति छात्रों की असहमति को दबाने के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें NALSAR स्टूडेंट काउंसिल की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।


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