इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का विरोध, प्रशासन पर गंभीर आरोप
प्रयागराज स्थित इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रों की समस्याओं और कथित फीस बढ़ोतरी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। उनका आरोप है कि यूनिवर्सिटी में फीस में करीब 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, साथ ही हॉस्टल फीस भी बढ़ाई गई है। छात्रों का कहना है कि इस भारी बढ़ोतरी से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है और कई छात्रों के लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो गया है।
लाइब्रेरी और पानी की समस्या पर प्रशासन की टिप्पणी से नाराजगी
छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी वर्तमान में केवल 8 घंटे खुलती है, जबकि उनकी मांग है कि इसे 24 घंटे खोला जाए। छात्रों ने आरोप लगाया कि इस मांग पर प्रशासन ने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए पूछा कि “ज्यादा पढ़कर क्या कलेक्टर बनोगे?” इसके अलावा बारिश के दौरान लाइब्रेरी परिसर में पानी भरने की समस्या की भी शिकायत की गई है। पीने के पानी की समस्या को लेकर भी छात्रों ने शिकायत की है। उनके मुताबिक, इस शिकायत पर प्रशासन की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि “यूनिवर्सिटी पानी पीने की जगह नहीं है।” छात्र इन टिप्पणियों को छात्रों की गरिमा के खिलाफ मानते हैं और प्रशासन के रवैये पर सवाल उठा रहे हैं।
छात्रों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मंच से बोलते हुए एक वक्ता ने कहा कि आज वे छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए आए हैं और उन्हें आशंका है कि इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके खिलाफ FIR दर्ज करा सकता है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर जमकर आवाज उठाएंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि फीस बढ़ोतरी, लाइब्रेरी की समय सीमा और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर वे पीछे नहीं हटेंगे।
फीस, लाइब्रेरी, हॉस्टल, पानी और कथित प्रशासनिक टिप्पणियों से जुड़े इन दावों पर यूनिवर्सिटी प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। यह मामला छात्रों की शिक्षा, सुविधाओं और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद से जुड़ा है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सबकी निगाहें होंगी।
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