नेपाल में ISI की सक्रियता पर भारतीय एजेंसियां हाई अलर्ट, तराई में जनसांख्यिकीय बदलाव की रिपोर्ट
भारत की खुफिया एजेंसियों ने नेपाल के तराई क्षेत्र में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, आईएसआई नेपाल के तराई क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलाव, कट्टरपंथी गतिविधियों को बढ़ावा देने और भारत-विरोधी तत्वों को सक्रिय करने का काम कर रही है। यह क्षेत्र भारत की खुली सीमा से सटा हुआ है, जिससे भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, आईएसआई नेपाल के तराई क्षेत्रों में धार्मिक और सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने, भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने और स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी संगठनों से जोड़ने का काम कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआई नेपाल की नागरिकता विवाद, सीमा विवाद और भारत-नेपाल संबंधों में खटास जैसे मुद्दों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि आईएसआई नेपाल के मदरसों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रही है।
खुली सीमा से बढ़ा सुरक्षा खतरा
नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा (ओपन बॉर्डर) होने के कारण आईएसआई की यह गतिविधि भारत के लिए सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि नेपाल के तराई क्षेत्रों में स्थापित कट्टरपंथी नेटवर्क का इस्तेमाल भारत के विभिन्न राज्यों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अस्थिरता फैलाने के लिए किया जा सकता है। एजेंसियों ने सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नेपाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय ने नेपाल से आईएसआई की गतिविधियों पर संयुक्त जांच करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बाहरी ताकत को भारत की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
नेपाल के तराई क्षेत्र में आईएसआई की सक्रियता ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को एक बार फिर हवा दे दी है। खुली सीमा और बढ़ती कट्टरपंथी गतिविधियों के चलते यह मुद्दा केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा का विषय बन गया है। कोशी वॉइस न्यूज़ इस मामले पर नज़र बनाए रखेगा और आपको हर अपडेट से अवगत कराता रहेगा। साझा सीमा और साझा खतरे—भारत-नेपाल को मिलकर इस चुनौती से निपटना होगा।
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