भारत-नेपाल सीमा विवाद: ड्रोन सर्वेक्षण से 3 वर्षों में होगा संयुक्त मानचित्रण, नदी मार्गों का तकनीकी आकलन
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चली आ रही सीमा विवादों को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों की सर्वे अधिकारियों की समिति (SOC) की 13वीं बैठक लखनऊ में संपन्न हुई, जिसमें UAV (ड्रोन) के माध्यम से संयुक्त सर्वेक्षण करने और विवादित सीमा भूमि का मानचित्रण तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल नदियों के मार्ग बदलने से उत्पन्न सीमा विवादों के तकनीकी आकलन में सहायक होगी।
ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण की कार्य योजना पर सहमति
सर्वे ऑफ इंडिया के महानिदेशक (DGI) हितेश कुमार सी. मकवाना और नेपाल के सर्वे विभाग के महानिदेशक पदम कुमार मैनाली ने इस बैठक की सह-अध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने “भारत-नेपाल सीमा के लिए ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण” पर एक कार्य योजना पर सहमति जताई। इस योजना के तहत, विवादित भूमि की सीमा का निर्धारण, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां नदियों ने अपना रास्ता बदल लिया है, के लिए ड्रोन सर्वेक्षण को मंजूरी दी गई। सीमा के नदी खंडों के लिए इस सर्वेक्षण को तीन वर्षों में पूरा करने की योजना है।
तकनीकी सहयोग से सीमा विवादों का समाधान
इस ड्रोन-आधारित संयुक्त सर्वेक्षण का उद्देश्य सीमा विवादों के समाधान के लिए एक सामान्य सन्दर्भ आधार (Common Reference Framework) तैयार करना है। यह प्रयास नदियों के मार्ग बदलने, सीमा स्तंभों के विस्थापन और मानचित्रों में विसंगतियों को दूर करने में सहायक होगा। यह पहल दोनों देशों के बीच सीमा विवादों, विशेष रूप से कालापानी, लिम्पियाधुरा, सुस्ता जैसे क्षेत्रों में, को सुलझाने के लिए एक तकनीकी और वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सर्वेक्षण के काम को आगे बढ़ाने के लिए अक्टूबर 2026 में एक अनुवर्ती बैठक आयोजित की जाएगी, जहां प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, दोनों देशों के सर्वेक्षण विभाग उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह चित्रों (High-Resolution Satellite Imagery) का आदान-प्रदान करेंगे। भारत ने नेपाल के सर्वेक्षण विभाग को स्वदेशी ‘भारत मानचित्र’ (Bhārat Mānchitra) पोर्टल तक पहुंच प्रदान की है।
लखनऊ में हुई यह 13वीं SOC बैठक भारत-नेपाल सीमा विवादों के समाधान के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकती है। ड्रोन-आधारित संयुक्त सर्वेक्षण से न केवल नदियों के बदले मार्ग से उत्पन्न विवादों का तकनीकी आकलन होगा, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग भी बढ़ेगा। कोशी वॉइस न्यूज़ इस पहल का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि इससे लंबे समय से लंबित सीमा मुद्दों का स्थायी समाधान निकलेगा। “तकनीकी सहयोग ही सीमा विवादों का स्थायी समाधान है” —यह पहल उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
Disclaimer
Koshi Voice News पर प्रकाशित समाचार, लेख, फोटो, वीडियो एवं अन्य सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की जाती है। समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों, बिहार सरकार, बिहार पुलिस, सरकारी विभागों, प्रेस विज्ञप्तियों तथा अन्य मान्यता प्राप्त स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रकाशित किए जाते हैं। कुछ तस्वीरें एवं ग्राफिक्स AI-Generated या सांकेतिक हो सकते हैं। जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि करना उचित होगा।
Grievance Officer: शिकायत, सुझाव या आपत्ति के लिए ईमेल: ceo@koshivoice.in | WhatsApp: +91 92790 09245


