सुनसरी हिंसा मामले में ISI संलिप्तता की जांच, 9 बांग्लादेशी प्रचारकों की मौजूदगी की पुष्टि
काठमांडू, 17 अगस्त 2026 – नेपाल के सुनसरी और सिराहा जिलों में 26 जुलाई को हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच में अब तक के खुलासों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल प्रशासन और खुफिया एजेंसियां इस मामले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) और विदेशी फंडिंग की संलिप्तता की गहन जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शुरुआती जांच में संदेह है कि यह हिंसा कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक संगठित साजिश का नतीजा हो सकती है।
9 बांग्लादेशी प्रचारकों की भूमिका पर छानबीन
जांच एजेंसियों ने इस मामले में एक अहम जानकारी साझा की है। जांच में 9 बांग्लादेशी धार्मिक प्रचारकों के काठमांडू पहुंचने की पुष्टि हुई है, जिनकी हिंसा में भूमिका और नेपाल आने के मकसद की गहन छानबीन की जा रही है। नेपाल पुलिस ने मामले से जुड़े कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और उनके मोबाइल फोन व डिजिटल डिवाइस की जांच भी की जा रही है ताकि किसी बाहरी हैंड के शामिल होने के सबूत जुटाए जा सकें।
सरकार का सख्त रुख और सुरक्षा व्यवस्था
सुनसरी-सिराहा में हुई हिंसा के बाद नेपाल सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। गृह मंत्रालय ने सभी जिला प्रशासनों को निर्देश दिया है कि वे धार्मिक स्थलों, स्कूलों और सार्वजनिक संपत्तियों पर विशेष नजर रखें और किसी भी अफवाह या उकसावे पर तुरंत कार्रवाई करें। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट कर दिया गया है और हिंसा प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
पाकिस्तानी ISI के कई पनाहगारों (Shelters) के संचालन की खबरों के बीच नेपाल प्रशासन ने सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां आपसी समन्वय से इस मामले की जांच कर रही हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेपाल की धार्मिक सद्भाव को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हिंसा के बाद से नेपाल में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हिंसा में कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे किन-किन लोगों या संगठनों का हाथ है।
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