15 अगस्त को खुलेगा पटना-सोनपुर गंगा पुल, आवागमन होगा सुगम
स्वतंत्रता दिवस पर बिहार को ऐतिहासिक तोहफा: 6.5 किमी लंबा राज्य का दूसरा सबसे बड़ा पुल तैयार; गांधी सेतु पर महाजाम से मिलेगी मुक्ति
📍 पटना (बिहार) | विशेष बुनियादी ढांचा रिपोर्ट
बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के इतिहास में 78वां स्वतंत्रता दिवस एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। 15 अगस्त 2026 को बहुप्रतीक्षित पटना-सोनपुर गंगा पुल को आधिकारिक तौर पर आम जनता और यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वर्चुअली आयोजित एक विशेष उद्घाटन समारोह के माध्यम से इस ऐतिहासिक 4-लेन पुल का लोकार्पण करेंगे, जिससे राजधानी पटना और उत्तरी बिहार के जिलों के बीच संपर्क का एक नया युग शुरू होगा।
6.5 किलोमीटर लंबाई के साथ महात्मा गांधी सेतु (5.75 किमी) के बाद बिहार का दूसरा सबसे बड़ा गंगा पुल।
गंगा नदी पर निर्मित यह विशाल पुल पटना को सीधे छपरा, सोनपुर और हाजीपुर क्षेत्र से जोड़ता है। कुल 6.5 किलोमीटर लंबाई वाले इस 4-लेन पुल को अत्याधुनिक इंजीनियरिंग मानकों पर तैयार किया गया है। भारी कमर्शियल वाहनों के भार को आसानी से संभालने की क्षमता के साथ-साथ इसमें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ का निर्माण भी दोनों किनारों पर किया गया है, जिससे स्थानीय राहगीर बिना किसी दुर्घटना के जोखिम के आवागमन कर सकेंगे।
वर्तमान समय में महात्मा गांधी सेतु पर अत्यधिक ट्रैफिक लोड होने के कारण रोजाना भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे मुजफ्फरपुर, वैशाली, छपरा और उत्तर बिहार जाने वाले यात्रियों के घंटों बर्बाद होते हैं। इस नए मेगा-ब्रिज के चालू हो जाने से कमर्शियल और भारी वाहनों का डायवर्जन आसानी से संभव होगा, जिससे महात्मा गांधी सेतु पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक घट जाएगा।
🌾 किसानों, व्यापारियों और सोनपुर मेले को मिलेगा सीधा लाभ
इस नए रूट के सक्रिय होने का सबसे बड़ा सामाजिक-आर्थिक लाभ सोनपुर व वैशाली क्षेत्र के छोटे व्यापारियों और किसानों को मिलेगा, जो दैनिक आधार पर हरी सब्जियां, दूध और कृषि उत्पाद पटना की मंडियों तक लाते हैं। सुगम आवागमन से न केवल परिवहन लागत में कमी आएगी, बल्कि समय की भारी बचत होगी।
एशिया के प्रसिद्ध विश्व विख्यात ‘सोनपुर पशु मेले’ और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगी जबरदस्त रफ्तार।
इसके साथ ही, विश्व प्रसिद्ध वार्षिक ‘सोनपुर मेले’ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और देशी-विदेशी पर्यटकों को लगने वाले भारी जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। पुल के एप्रोच रोड्स के समीप नए व्यावसायिक केंद्र और सर्विस हब विकसित होने की प्रबल संभावना है, जिससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
15 अगस्त को होने वाले औपचारिक उद्घाटन के बाद इस पुल को पूर्ण रूप से चालू कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट राज्य के आधारभूत ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के साथ-साथ बिहार की आर्थिक प्रगति को एक नया मोड़ देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।


