भारतीय मूल के उम्मीदवारों की भागीदारी रही चर्चा का विषय
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की भागीदारी चर्चा का विषय बनी रही। अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों के लिए मतदान हुआ। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर, अटॉर्नी जनरल, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के पदों के लिए भी चुनाव हुए। भारतीय मूल के उम्मीदवार डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन, दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के टिकट पर मैदान में उतरे।
57 भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार थे चुनाव मैदान में
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव में कम से कम 57 भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार अलग-अलग पदों के लिए मैदान में थे। इनमें एक उम्मीदवार सीनेट, 11 प्रतिनिधि सभा, तीन राज्यस्तरीय पदों, 36 राज्य विधानसभाओं और छह स्थानीय पदों के लिए चुनाव लड़ रहे थे। यह संख्या उन उम्मीदवारों पर आधारित थी जिनकी भारतीय मूल की पृष्ठभूमि की पुष्टि की जा सकी थी।
रो खन्ना और प्रमिला जयपाल ने फिर हासिल की जीत
डेमोक्रेटिक पार्टी के भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा जीत दर्ज की। वहीं, प्रमिला जयपाल ने वॉशिंगटन के 7वें डिस्ट्रिक्ट से प्रतिनिधि सभा में अपनी सीट बरकरार रखी। सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें डिस्ट्रिक्ट से फिर जीत हासिल की। चुनावी रिपोर्टों के अनुसार, अमी बेरा ने भी कैलिफोर्निया के तीसरे डिस्ट्रिक्ट से जीत दर्ज की।
पीया दांडिया की जीत, विवेक रामास्वामी को हार
फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पीया दांडिया ने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी असकर को हराकर जीत दर्ज की। दूसरी ओर, रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद की दौड़ में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से हार गए। यह चुनाव भारतीय मूल के उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग राज्यों में मिले-जुले परिणाम लेकर आया।
अरुणा मिलर सहित कई उम्मीदवारों को मिली सफलता
मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने गवर्नर वेस मूर के साथ डेमोक्रेटिक टिकट पर दोबारा जीत हासिल की। इसके अलावा भारतीय मूल के कुछ अन्य उम्मीदवारों ने भी कांग्रेस, राज्य और स्थानीय स्तर के चुनावों में सफलता दर्ज की। न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिथा कोमातिरेड्डी को मौजूदा डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स से हार का सामना करना पड़ा।
अमेरिकी राजनीति में बढ़ती भागीदारी को दर्शाते परिणाम
इन चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की मौजूदगी अमेरिकी राजनीति में इस समुदाय की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। उम्मीदवारों ने स्वास्थ्य सेवा, अर्थव्यवस्था, आव्रजन, रोजगार, सार्वजनिक सुरक्षा और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को अपने चुनावी अभियानों में उठाया। हालांकि, अलग-अलग उम्मीदवारों की राजनीतिक विचारधारा और नीतिगत प्राथमिकताएं अलग रहीं।
चुनाव परिणामों ने यह भी दिखाया कि भारतीय मूल के नेता दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों और स्थानीय स्तर की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

