नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का अनुरोध किया है। 13 अक्टूबर 2026 को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दोनों जिम्मेदारियों से मुक्त करने की मांग की। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर 15 अक्टूबर को उनका केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति सचिवालय की आधिकारिक विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की गई है।
तमिलनाडु में संगठन मजबूत करना प्राथमिकता
डॉ. मुरुगन ने कहा कि अब वे जमीनी स्तर पर लौटकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ काम करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन को मजबूत करना और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी की राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाना है। डॉ. मुरुगन मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं, लेकिन वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे। अप्रैल 2024 में वे दूसरी बार राज्यसभा पहुंचे थे और उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। उनके इस्तीफे से मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट खाली हो गई है।
12 नवंबर को राज्यसभा सीट पर उपचुनाव
निर्वाचन आयोग ने डॉ. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए 12 नवंबर 2026 को उपचुनाव कराने की घोषणा की है। उसी दिन मतगणना भी प्रस्तावित है। राज्य विधानसभा के निर्वाचित विधायक राज्यसभा उपचुनाव में मतदान करेंगे।
डॉ. मुरुगन के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि, सरकार की ओर से किसी बड़े कैबिनेट फेरबदल की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। फिलहाल मुरुगन का घोषित उद्देश्य तमिलनाडु में पार्टी संगठन को मजबूत करना है।
यह समाचार राष्ट्रपति सचिवालय की आधिकारिक विज्ञप्ति, निर्वाचन आयोग से जुड़ी जानकारी और प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। राजनीतिक नियुक्तियों और चुनाव कार्यक्रम से संबंधित जानकारी में बदलाव होने पर खबर अपडेट की जा सकती है। सुझाव, जानकारी या सुधार के लिए WhatsApp नंबर 9279009245 पर संपर्क करें।
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