बिहार में दुर्गापूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पंडालों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पटना में करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल भी लगाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रवेश-निकास द्वारों पर विशेष निगरानी
पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और पंडाल समितियों को भीड़ के दबाव पर लगातार नजर रखने तथा रास्तों को बाधामुक्त रखने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य भगदड़ जैसी आपात स्थिति के जोखिम को कम करना है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करें।
पटना में वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण
पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रमुख पूजा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को निर्धारित स्थानों पर मुस्तैद रहने और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पंडाल समितियों को सुरक्षा मानकों के पालन की अहमियत भी बताई गई।
भीड़भाड़ वाले पंडालों में आग से बचाव, सुरक्षित निकास और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पटना में 1,310 पूजा पंडालों का निरीक्षण किया गया और 46 पंडालों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। अग्निशमन विभाग ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की सिफारिश की है। यह स्थिति पंडाल समितियों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन करने की अहमियत बताती है।
दुर्गापूजा के दौरान पंडालों और प्रमुख आयोजन स्थलों के आसपास वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पटना में यातायात संबंधी प्रतिबंध और रूट बदलाव लागू किए गए हैं। श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले स्थानीय ट्रैफिक निर्देशों की जानकारी लेने, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करने और आपातकालीन वाहनों के रास्ते खाली रखने की सलाह दी जाती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से बैरिकेडिंग पार न करने, पुलिस तथा स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करने और बच्चों व बुजुर्गों के साथ विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आग या भीड़ के असामान्य दबाव की स्थिति में तुरंत पुलिस अथवा संबंधित आपातकालीन सेवा को सूचना दें।
Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। सुरक्षा व्यवस्था, तैनाती और स्थानीय यातायात निर्देशों में बदलाव संभव है। किसी तथ्य में सुधार या सुझाव के लिए हमें WhatsApp नंबर 9279009245 पर संदेश भेजें।
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