DHFL ऋण घोटाले से जुड़े मामले में कथित तौर पर ₹1 करोड़ की रिश्वत मांगने के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने Serious Fraud Investigation Office (SFIO) के डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में IRS अधिकारी हरीश कुमार तंवर, दिल्ली के वकील भरत शर्मा और उनके रिश्तेदार आर्यन शर्मा शामिल हैं। CBI के अनुसार, मामला जांच में शिकायतकर्ता को कथित राहत दिलाने के बदले रिश्वत मांगने से जुड़ा है।
₹20 लाख लेते पकड़े जाने का दावा
CBI के मुताबिक, शिकायतकर्ता गोपाल शिवराम दलवी ने 12 अक्टूबर 2026 को लिखित शिकायत दी थी। आरोप था कि DHFL मामले की जांच में राहत दिलाने के बदले उनसे ₹1 करोड़ मांगे गए। एजेंसी के अनुसार, कथित रकम की पहली किस्त के रूप में ₹20 लाख लेने के दौरान 13 अक्टूबर को वकील भरत शर्मा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। इसके बाद अधिकारी हरीश कुमार तंवर और आर्यन शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया।
CBI ने आरोपियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी लेकर मामले से संबंधित सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी दी है। एजेंसी यह जांच कर रही है कि कथित रिश्वत मांगने और रकम लेने की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी। SFIO में तैनात एक अन्य वरिष्ठ IRS अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में होने की खबर है; उनकी भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CBI ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 7 तथा 7A के तहत मामला दर्ज किया है। ये प्रावधान कथित आपराधिक साजिश, लोक सेवक से जुड़े रिश्वत अपराधों और अनुचित लाभ के जरिए प्रभाव डालने जैसे आरोपों से संबंधित हैं। इन धाराओं में मामला दर्ज होना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
Dewan Housing Finance Corporation Limited (DHFL) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और ऋण के दुरुपयोग की जांच विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां करती रही हैं। SFIO कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन गंभीर कॉरपोरेट धोखाधड़ी की जांच करने वाली एजेंसी है। ताजा मामला DHFL जांच में कथित तौर पर अनुचित लाभ दिलाने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है। CBI की जांच जारी है और सभी आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
यह समाचार CBI के हवाले से प्रकाशित जानकारी और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने का अंतिम निर्णय सक्षम अदालत करेगी। सुधार या जानकारी के लिए WhatsApp करें: 9279009245।
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