पटना में बस हादसे के बाद हिंसा, पुलिस गाड़ियों में लगाई आग
अगमकुआन के पास अनियंत्रित बस ने युवक को कुचला; NH-30 पर भारी उत्पात, 3 पुलिस वाहन और बस फुंकी, 3 घंटे ठप रहा यातायात
📍 पटना (बिहार)
बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद भारी हिंसा और आगजनी की घटना सामने आई। अगमकुआन थाना क्षेत्र के पहाड़ी पंप हाउस के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित निजी बस ने 26 वर्षीय मनीष कुमार को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
हादसे से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और परिजनों ने एनएच-30 (NH-30) पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। देखते ही देखते विरोध-प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और भीड़ ने हादसे को अंजाम देने वाली बस समेत 3 पुलिस वाहनों, कई मोटरसाइकिलों और एक ट्रैफिक पोस्ट को आग के हवाले कर दिया।
🚨 उपद्रव और बदसलूकी: हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने घटना की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ भी मारपीट की तथा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आग बुझाने से रोक दिया। NH-30 पर करीब 3 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
👮 5 थानों की पुलिस बल तैनात, लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग
स्थिति बेकाबू होते देख आसपास के 5 थानों की पुलिस टीम और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। काफी मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराया जा सका।
💰 परिजनों ने की मुआवजे की मांग, जांच जारी
मृतक परिजनों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की है। जिला प्रशासन व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर आगजनी और हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान कर रही है।


