AI के खिलाफ बढ़ता विरोध, OpenAI दफ्तर में घुसे प्रदर्शनकारी
अमेरिका और यूरोप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खिलाफ फूटा गुस्सा: वॉशिंगटन में OpenAI के दफ्तर से 13 छात्र अरेस्ट; नौकरियां, कॉपीराइट और पर्यावरण बने मुख्य मुद्दे
📍 नई दिल्ली / वॉशिंगटन | अंतरराष्ट्रीय तकनीकी रिपोर्ट
एक तरफ जहां भारत समेत कई एशियाई देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और यूरोप के पश्चिमी देशों में AI की बेलगाम रफ्तार के खिलाफ जनाक्रोश चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी से आई ताजा घटना में, उत्तेजित प्रदर्शनकारी तकनीक दिग्गज और ChatGPT की मूल कंपनी OpenAI के लॉबिंग कार्यालय में जबरन घुस गए और घंटों नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 13 प्रदर्शनकारी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है।
OpenAI के वॉशिंगटन कार्यालय में प्रदर्शनकारियों का धावा, 2 घंटे तक हंगामा; पुलिस ने 13 को दबोचा।
प्रसिद्ध टेक मैगजीन फ्यूचरिज्म की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि टेक कंपनियां सुरक्षा मानकों और सरकारी नियमों की परवाह किए बिना AI मॉडल विकसित कर रही हैं। यह घटना कोई एकाकी मामला नहीं है, बल्कि पश्चिमी जगत में टेक्नोलॉजी कंपनियों की मनमानी के खिलाफ पनप रहे व्यापक जनाक्रोश का हिस्सा है।
🔥 पश्चिमी देशों में AI के खिलाफ विरोध की 3 मुख्य वजहें
वैश्विक विश्लेषकों के अनुसार इस तकनीकी क्रांति के विरोध के पीछे तीन बड़े कारण प्रमुखता से उभरकर सामने आए हैं:
1. बड़े पैमाने पर छंटनी का डर: किंग्स कॉलेज लंदन की 2026 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 70% लोग AI के कारण अपनी नौकरियों के समाप्त होने को लेकर गहरे तनाव में हैं। वहीं 57% नागरिकों का मानना है कि यह तकनीक व्यापक सामाजिक असमानता और बेरोजगारी लाएगी।
2. कॉपीराइट और डेटा की चोरी: लेखकों, कलाकारों और संगीतकारों का आरोप है कि AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए उनकी मूल कृतियों का बिना सहमति और बिना किसी रॉयल्टी के इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी के विरोध में हजारों लेखकों ने सांकेतिक रूप से खाली पन्नों वाली किताबें प्रकाशित कर अपनी नाराजगी जताई थी।
AI सर्वर और विशाल डेटा सेंटरों द्वारा अत्यधिक बिजली व पानी की खपत से स्थानीय नागरिक चिंतित।
3. डेटा सेंटरों का पर्यावरणीय दुष्प्रभाव: AI डेटा सेंटरों को ठंडा रखने और चलाने के लिए अरबों गैलन पानी व भारी बिजली की खपत हो रही है। फ्लोरिडा सहित कई अमेरिकी राज्यों में स्थानीय नागरिक इन डेटा सेंटरों के निर्माण के खिलाफ सड़कों पर उतर चुके हैं।
इससे पहले सैन फ्रांसिस्को में OpenAI, Anthropic और Google Deepmind के दफ्तरों के बाहर भी बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं। यूरोपीय संसद भी अब AI और कॉपीराइट पर कड़े नियम बनाने पर विचार कर रही है। OpenAI कार्यालय में हुई यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि समाज को अब AI के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक पहलुओं पर गंभीर मंथन की जरूरत है।


