
तराई क्षेत्र के कई जिलों में सेना व पुलिस तैनात; प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने की शांति की अपील, मृतकों को 10-10 लाख का मुआवजा
📍 काठमांडू (नेपाल)
नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जारी सांप्रदायिक तनाव और हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है। कोशी प्रांत के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में 26 जुलाई को धार्मिक यात्रा (बोलबम यात्रा) के दौरान लाउडस्पीकर और झंडों को लेकर शुरू हुए विवाद में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
हिंसा तेजी से सिराहा, सप्तरी, धनुषा और पर्सा जिलों तक फैल गई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन को कई जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना के जवानों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।
🚨 मुख्य बिंदु: हिंसा में ओमप्रकाश मेहता, जयप्रकाश मेहता और गणेश यादव की जान चली गई। सरकार ने पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख नेपाली रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
🕊️ प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का राष्ट्र के नाम संबोधन
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्र के नाम टेलीविज़न संबोधन में सभी पक्षों से शांति, संवाद और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है।
🤝 शांति समझौता और स्थिति नियंत्रण के प्रयास
गृह मंत्री सुदन गुरुंग की पहल से धनुषा के जनकपुरधाम में सरकार और स्थानीय धार्मिक समूहों के बीच 13-सूत्रीय समझौता हुआ है। सुनसरी, धनुषा और मधेश प्रांत के विभिन्न हिस्सों में नागरिक समाज द्वारा शांति रैलियां निकाली जा रही हैं। हालांकि कुछ इलाकों में कर्फ्यू हटाकर केवल निषेधाज्ञा लागू रखी गई है, सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।


