नेपाल संसद में 26 अगस्त को पीएम बालेंद्र शाह का सामना करेंगे विपक्ष, सीमा विवाद पर होगी कड़ी बहस
काठमांडू, 18 अगस्त 2026। नेपाल की राजनीति में अगले सप्ताह एक अहम मोड़ आने वाला है, जब प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह 26 अगस्त को प्रतिनिधि सभा (संसद) में होने वाले प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देंगे। यह सत्र इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान सीमा विवाद और भारतीय क्षेत्र को लेकर दिए गए पिछले बयानों पर विपक्ष द्वारा पीएम शाह को घेरने की पूरी संभावना है। राजनीतिक हलकों में इस सत्र को सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
सुस्ता-मोतीपुर विवाद पर सरकार का रुख स्पष्ट करने का दबाव
नेपाली संसद का यह प्रश्नोत्तर सत्र ऐसे समय हो रहा है, जब भारत-नेपाल सीमा पर सुस्ता-मोतीपुर विवाद तनावपूर्ण बना हुआ है। नेपाल ने विवादित क्षेत्र में सड़क निर्माण जारी रखा है, जिस पर भारत ने आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई है। विपक्षी दलों की मांग है कि प्रधानमंत्री इस मामले पर सरकार का स्पष्ट रुख रखें और बताएं कि इस लंबित सीमा विवाद को कूटनीतिक स्तर पर सुलझाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष पर जमकर हमलावर होगा।
प्रधानमंत्री शाह के भारत-नेपाल संबंधों पर पिछले कुछ बयान भी इन दिनों चर्चा में हैं। विपक्ष उन पर बयानों में विरोधाभास और कूटनीतिक मामलों में कथित नरमी का आरोप लगा सकता है। पीएम को इस सत्र में अपनी सरकार की विदेश नीति और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर स्पष्टीकरण देना होगा। यह सत्र उनके प्रशासन के लिए एक कठिन परीक्षा साबित हो सकता है, क्योंकि उन्हें एक तरफ विपक्ष के आरोपों का जवाब देना है, तो दूसरी तरफ देश की संप्रभुता के मुद्दे पर अपनी स्थिति मजबूती से रखनी है।
संसदीय प्रक्रिया और तैयारियां
प्रश्नोत्तर सत्र से पहले मंगलवार को संसद की बैठक स्थगित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की ओर से पूछे जाने वाले सवालों के लिखित उत्तर देने की समयसीमा बुधवार शाम 5 बजे तक है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछने के लिए नोटिस दाखिल किए हैं, जिनमें सीमा सुरक्षा, कूटनीतिक संबंध और आंतरिक मामले शामिल हैं। संसद सचिवालय ने सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं और सभी दलों से औपचारिक रूप से सवाल प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के लिए यह सत्र अपनी सरकार की विदेश नीति को सही ठहराने का एक सुनहरा अवसर होगा। वहीं, विपक्ष इसे सत्तारूढ़ गठबंधन को घेरने और सरकार की कमजोरियों को उजागर करने के एक बड़े मौके के रूप में देख रहा है। 26 अगस्त को होने वाली यह संसदीय कार्यवाही नेपाल की राजनीति में काफी चर्चित रहेगी, क्योंकि इसके नतीजे आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकते हैं। सभी की निगाहें अब इस सत्र पर टिकी हैं, जहां सीमा विवाद और कूटनीति के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच कड़ी बहस होने की उम्मीद है।
Disclaimer
Koshi Voice News पर प्रकाशित समाचार, लेख, फोटो, वीडियो एवं अन्य सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की जाती है। समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों, बिहार सरकार, बिहार पुलिस, सरकारी विभागों, प्रेस विज्ञप्तियों तथा अन्य मान्यता प्राप्त स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रकाशित किए जाते हैं। कुछ तस्वीरें एवं ग्राफिक्स AI-Generated या सांकेतिक हो सकते हैं। जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि करना उचित होगा।
Grievance Officer: शिकायत, सुझाव या आपत्ति के लिए ईमेल: ceo@koshivoice.in | WhatsApp: +91 92790 09245


