नेपाल बाढ़ त्रासदी: 160 से अधिक मौतें, 133 भारतीयों सहित 844 लापता, राहत कार्य जारी
काठमांडू, 27 अगस्त 2026। नेपाल के उत्तरी भाग में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने पूरे हिमालयी क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 160 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 844 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी शामिल हैं। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक आई इस बाढ़ ने रसुवा जिले के कई गांवों, जलविद्युत परियोजनाओं और सड़कों को बहा दिया है।
बाढ़ का कारण और प्रभावित क्षेत्र
यह बाढ़ भोटेकोशी नदी में पानी के अचानक उफान के कारण आई, जो तिब्बत सीमा से नेपाल में प्रवेश करती है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, तिब्बत की ओर से आए भारी भूस्खलन ने ल्हेंडे नदी को अवरुद्ध कर दिया, जिसके बाद मलबा और पानी भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आ गया। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ से एक बड़ा हिमखंड अलग हुआ होगा, हालांकि सटीक कारण स्पष्ट होने में कई सप्ताह लग सकते हैं। बाढ़ ने 30 फीट तक ऊंची लहरों के साथ तबाही मचाई, जिससे नदी के किनारे बसे कई बस्तियां पूरी तरह नष्ट हो गईं।
नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ के पानी में बहकर 33 शव चितवन तक (150 किलोमीटर दूर) मिले हैं। मृतकों में 157 नेपाली नागरिक और तिब्बत में तीन चीनी नागरिक शामिल हैं। 466 विदेशी नागरिक (28 देशों से) और 113 नेपाली अभी भी लापता हैं। लापता विदेशियों में 54 अमेरिकी, 34 ऑस्ट्रेलियाई, 33 ब्रिटिश, 24 कनाडाई, 19 मलेशियाई और 8 दक्षिण कोरियाई नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, बाढ़ में 37 एनआरआई (अप्रवासी भारतीय) भी लापता हैं।
भारत की ओर से त्वरित राहत प्रयास
भारत सरकार ने इस त्रासदी के बाद तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव मानवीय सहायता देने का आश्वासन दिया। भारतीय वायुसेना राहत सामग्री भेज रही है और एनडीआरएफ की टीमें तैनात करने की तैयारी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने लापता भारतीय नागरिकों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
इस त्रासदी ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। बिहार के गंडक नदी और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने की आशंका के कारण पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में भी महाराजगंज और कुशीनगर जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है। नेपाल सरकार ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों को ‘आपदा संकट क्षेत्र’ घोषित कर दिया है।
Disclaimer
Koshi Voice News पर प्रकाशित समाचार, लेख, फोटो, वीडियो एवं अन्य सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की जाती है। समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों, बिहार सरकार, बिहार पुलिस, सरकारी विभागों, प्रेस विज्ञप्तियों तथा अन्य मान्यता प्राप्त स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रकाशित किए जाते हैं। कुछ तस्वीरें एवं ग्राफिक्स AI-Generated या सांकेतिक हो सकते हैं। जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि करना उचित होगा।
Grievance Officer: शिकायत, सुझाव या आपत्ति के लिए ईमेल: ceo@koshivoice.in | WhatsApp: +91 92790 09245


