नालंदा मिड-डे मील विवाद: डिटर्जेंट मिलने से 34 बच्चे बीमार, प्रिंसिपल निलंबित और तीन रसोइयां बर्खास्त
बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र स्थित पारसी मध्य विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद कम से कम 34 बच्चों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। आरोप है कि खाने में नमक की जगह गलती से डिटर्जेंट पाउडर मिला दिया गया था। घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है और तीन रसोइयों को सेवा से हटा दिया है।
यह घटना 18 अगस्त की है, जब स्कूल में सोयाबीन चावल परोसा गया था। बताया जा रहा है कि कुछ बच्चों ने खाने में नमक कम होने की शिकायत की, जिसके बाद रसोइये ने कथित तौर पर डिटर्जेंट समझकर नमक डाल दिया। खाना खाने के बाद बच्चों ने पेट में जलन, दर्द, चक्कर और उल्टी की समस्या बताई। सभी बच्चों को इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। स्कूल प्रिंसिपल शैलेंद्र कुमार सिंह ने इस घटना को “गलती” बताया है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। प्रिंसिपल शैलेंद्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तीन रसोइयों – मंटू देवी, शारदा देवी और नीपू देवी – को सेवा से हटा दिया गया है। नालंदा के डीईओ हेमचंद्र ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रसोइयों की लापरवाही पाई गई है। वहीं, जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय टीम (एसडीओ, एसडीपीओ, डीईओ और PHC प्रमुख) का गठन किया है, जो तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इस मामले में बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हालचाल जाना और जांच के आदेश दिए। ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, नालंदा डीईओ ने डिटर्जेंट मिलाने की बात से इनकार करते हुए कहा कि मेडिकल रिपोर्ट आने पर ही सटीक कारण पता चलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि इस घटना में बीमार हुए बच्चों में 17 लड़के और 17 लड़कियां शामिल हैं। सभी बच्चों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। इस घटना ने एक बार फिर मिड-डे मील योजना की निगरानी और रसोई की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने डीपीओ, बीआरपी और प्रोजेक्ट मैनेजर (एकता शक्ति फाउंडेशन) को भी शो-कॉज नोटिस जारी किया है। फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी।
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