
द्विपक्षीय व्यापार समझौते से GDP को मिलेगा सालाना ₹54,000 करोड़ का बूस्ट; टेक्सटाइल, फार्मा और IT सेक्टर को बड़ा फायदा
📍 नई दिल्ली
भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इसे दोनों देशों के व्यापारिक और आर्थिक संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में ड्यूटी-फ्री (शुल्क-मुक्त) पहुंच मिल गई है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते का मुख्य लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 55-60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
“CETA के लागू होने से भारत की जीडीपी में हर साल लगभग ₹54,000 करोड़ का इजाफा होगा। टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वैलरी और 87% फार्मा प्रोडक्ट्स को तुरंत शून्य शुल्क का लाभ मिला है।”
💼 भारतीय पेशेवरों और IT सेक्टर को राहत (DCC समझौता)
इस डील के साथ ‘दोहरे योगदान सम्मेलन’ (Double Contributions Convention – DCC) भी लागू हो गया है। इसके तहत ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को 5 साल तक दोहरा सोशल सिक्योरिटी टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा, जिससे भारतीय कंपनियों को सालाना 600 मिलियन डॉलर तक की बड़ी बचत होगी।
कृषि, MSME और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
इस समझौते से भारत के कृषि क्षेत्र और एमएसएमई (MSME) उद्योग को ब्रिटेन के 90 अरब डॉलर के कृषि बाजार में सीधी पहुंच मिलेगी। इसके अलावा आईटी, एजुकेशन, फाइनेंस और बिजनेस सर्विसेज से जुड़े युवाओं को भी ब्रिटेन में करियर बनाने के नए और पारदर्शी अवसर प्राप्त होंगे।



