हजारीबाग में रिश्वतखोर पुलिस कांस्टेबल गिरफ्तार, ACB का बड़ा एक्शन
खाकी पर लगा दाग: दुकानदार से केस निपटाने के नाम पर मांग रहा था ₹50,000 की घूस; ACB की टीम ने ट्रैप बिछाकर रंगे हाथों दबोचा
📍 हजारीबाग (झारखंड) | विशेष रिपोर्ट
झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम को एक और बड़ी सफलता मिली है। हजारीबाग जिले में ACB ने कार्रवाई करते हुए एक पुलिस कांस्टेबल को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
दुकानदार से 50 हजार रुपये की घूस ले रहा था आरोपी सिपाही, रंगे हाथों दबोचा गया।
पूरा मामला हजारीबाग जिले के एक स्थानीय थाने से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी कांस्टेबल ने एक स्थानीय दुकानदार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उसके खिलाफ दर्ज शिकायत को रफा-दफा करने के एवज में ₹50,000 की मोटी रकम की मांग की थी। पीड़ित दुकानदार ने पुलिसकर्मी की इस गैर-कानूनी मांग के आगे झुकने के बजाय मामले की लिखित शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को दे दी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत के सही पाए जाने के बाद एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, पीड़ित दुकानदार को केमिकल लगे नोट देकर आरोपी कांस्टेबल के पास भेजा गया।
🚔 मौके पर दबोचा गया आरोपी सिपाही, ACB दर्ज कर रही केस
जैसे ही पीड़ित दुकानदार ने आरोपी सिपाही को ₹50,000 की रिश्वत की रकम सौंपी, पास में ही सादे लिबास में मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। हाथ धुलवाने पर केमिकल के कारण रंग गुलाबी हो गया, जिससे घूस लेने की पुष्टि हो गई। एसीबी की टीम आरोपी कांस्टेबल को तुरंत अपनी गाड़ी में बिठाकर पूछताछ के लिए अपने प्रमंडलीय मुख्यालय ले गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज; एसीबी ने कहा—किसी भ्रष्ट को नहीं बख्शेंगे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत धाराओं में प्राथमिक दर्ज कर ली है। एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और घूसखोरी को खत्म करने के लिए इस तरह के सख्त अभियान लगातार जारी रहेंगे।
कानून के रखवाले का खुद भ्रष्टाचार में लिप्त होना पुलिस प्रशासन की छवि पर गंभीर सवाल उठाता है। हजारीबाग में हुई इस त्वरित कार्रवाई से घूसखोर कर्मचारियों में भय व्याप्त है, वहीं आम जनता ने एसीबी की इस साहसिक और त्वरित पहल की सराहना की है।


