
संसद परिसर में गोगोई का बड़ा हमला, कहा- ‘इस्तीफे के बाद स्वागत की तुलना युद्ध से लौटे सैनिक जैसा करना दुर्भाग्यपूर्ण’
📍 नई दिल्ली | संसद परिसर
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक हुए इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया।
गौरव गोगोई ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के दौरान देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव और व्यवस्थागत कमियों के कारण 21 छात्रों ने आत्महत्या जैसा भयावह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय सत्तापक्ष का रवैया निराशाजनक है।
“इस्तीफे के बाद संसद परिसर में बीजेपी सांसदों द्वारा उनका जिस तरह स्वागत किया गया, ऐसा लगा जैसे कोई सैनिक युद्ध जीतकर लौटा हो। यह देश के नौजवानों और पीड़ित परिवारों का अपमान है।” — गौरव गोगोई
शिक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य पर उठे गंभीर सवाल
कांग्रेस सांसद ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी पर कई तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केवल मंत्री बदल देने से देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं हो जाएगा, इसके लिए पूरी प्रणाली में सुधार करना अनिवार्य है।
गौरव गोगोई के इस आक्रामक बयान के बाद संसद और संसद के बाहर विपक्ष ने शिक्षा सुधारों तथा छात्रों की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

