
लोकसभा में गूंजा युवाओं की रोजगार और परीक्षा प्रणाली का मुद्दा, टीएमसी नेता ने लोकतंत्र के भविष्य पर खड़े किए गंभीर सवाल
📍 नई दिल्ली | संसद परिसर
संसद के चालू सत्र में युवाओं के भविष्य, रोजगार संकट और परीक्षा व्यवस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार पर विपक्षी हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार को आड़े हाथों लेते हुए युवाओं के गिरते भरोसे और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बड़ा बयान दिया है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब देश की युवा पीढ़ी प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था से अपना भरोसा खोने लगती है, तो लोकतंत्र की नींव कमजोर होने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार रोजगार सृजन, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के मोर्चों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।
📺 खास राजनीतिक बाइट: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का संसद परिसर से पूरा राजनीतिक बयान और वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए वीडियो लिंक पर क्लिक करें।
“देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। अगर उनकी उम्मीदों को नजरअंदाज किया जाएगा तो देश आगे कैसे बढ़ेगा? सरकार को अपनी नीतियों पर पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।” — अभिषेक बनर्जी
सत्तापक्ष का पलटवार और जारी घमासान
दूसरी ओर, सत्तापक्ष की तरफ से विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि सरकार युवाओं के लिए कौशल विकास, नए स्टार्ट-अप्स, और डिजिटल अवसरों के माध्यम से रोजगार के नए साधन बना रही है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच संसद में युवाओं से जुड़े इन ज्वलंत मुद्दों पर बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है।
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