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नोएडा DM मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से राहत, ₹5 लाख मुआवजे वाले हाई कोर्ट आदेश पर रोक

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नोएडा DM मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से राहत, ₹5 लाख मुआवजे वाले हाई कोर्ट आदेश पर रोक

नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026 – नोएडा यानी गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले के संबंधित हिस्सों के अमल पर रोक लगा दी है, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी की NSA के तहत हिरासत को रद्द करते हुए ₹5 लाख मुआवजे का निर्देश दिया गया था। यह अंतरिम आदेश मामले के अंतिम गुण-दोष पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक जारी रहेगा।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए श्रमिकों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है। आकृति चौधरी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। 2 सितंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी हिरासत को रद्द करते हुए ₹5 लाख मुआवजे का आदेश दिया था और रकम संबंधित अधिकारियों की सैलरी से वसूलने का निर्देश दिया था। इसी आदेश को मेधा रूपम और उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

मेधा रूपम और उत्तर प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 23 सितंबर को जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले के विशेष हिस्सों, खासकर पैराग्राफ 27 से 33, के अमल पर रोक लगा दी। अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि NSA हिरासत की प्रक्रिया में कई स्तरों के अधिकारी शामिल थे, तो केवल DM को अलग से जिम्मेदार ठहराने का आधार क्या है।

हाई कोर्ट के आदेश में ₹5 लाख की मुआवजा राशि अधिकारियों की सैलरी से वसूलने का निर्देश था। सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक के बाद फिलहाल इस निर्देश पर अमल नहीं होगा। यह राहत मेधा रूपम के साथ-साथ उन अधिकारियों को भी मिली है, जिन पर वसूली की कार्रवाई प्रस्तावित थी।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध किया है। फिलहाल यह अंतरिम आदेश है और मामले के अंतिम गुण-दोष पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। इसलिए हाई कोर्ट के फैसले और मेधा रूपम की चुनौती पर अंतिम स्थिति आगे की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय आगे की सुनवाई पर निर्भर है। किसी समस्या या आपत्ति के लिए WhatsApp: 9279009245 पर रिपोर्ट करें।

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Published by Koshi Voice News Desk
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