
‘हर पंचायत में खेल मैदान’ अभियान के तहत मनरेगा से हो रहा निर्माण; पूर्वी चंपारण 307 मैदानों के साथ राज्य में सबसे आगे
📍 पटना (बिहार)
बिहार के ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी क्रांति की शुरुआत की है। प्रदेश की सभी 8,050 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान विकसित करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के तहत अब तक 5,285 खेल मैदान पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इस अभियान में पूर्वी चंपारण जिला 307 निर्मित मैदानों के साथ पूरे राज्य में अव्वल स्थान पर है। मुजफ्फरपुर 263 मैदानों के साथ दूसरे और मधुबनी 257 मैदानों के साथ तीसरे स्थान पर है।
💡 नियमों में ढील: भूमि की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 1 एकड़ की बाध्यता को खत्म कर अब केवल 50 डिसमिल (लगभग 2,000 वर्ग मीटर) जमीन पर भी खेल मैदान बनाने की हरी झंडी दी है।
🏆 शीर्ष जिलों में मैदानों का आंकड़ा
• पूर्वी चंपारण: 307 मैदान
• मुजफ्फरपुर: 263 मैदान
• मधुबनी: 257 मैदान
• गया: 218 मैदान
• समस्तीपुर: 194 मैदान
• पटना जिला: 126 मैदान
🏃 ‘खेलेगा बिहार तो खिलेगा बिहार’
ग्राम पंचायत स्तर पर खेल मैदानों के साथ-साथ स्पोर्ट्स क्लबों के गठन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रखंड स्तर पर स्टेडियमों के निर्माण और राजगीर में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले खेल परिसर से बिहार में खेलों का नया माहौल तैयार हो रहा है, जिससे ग्रामीण युवा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य का नाम रोशन करेंगे।



