बिहार में बनेंगे 1,000 खनन सिपाही, माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए बिहार सरकार का बड़ा फैसला; 1,000 पदों पर समर्पित ‘खनन सिपाहियों’ की होगी बहाली
📍 पटना (बिहार)
बिहार में बालू और खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग एक समर्पित पुलिस बल का गठन करने जा रहा है। खनन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने राज्य में 1,000 ‘खनन सिपाहियों’ (Mining Constables) की विशेष फोर्स बनाने का ऐलान किया है।
मद्य निषेध विभाग की तर्ज पर गठित होने वाली इस फोर्स से विभाग को कार्रवाई के लिए स्थानीय जिला पुलिस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे छापेमारी में तेजी और पारदर्शिता आएगी।
📈 कार्रवाई के आंकड़े: चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 16,861 छापेमारी कर 278 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और ₹32.64 करोड़ का जुर्माना वसूला गया है।
🚚 हाइटेक निगरानी: GPS और ISTP अनिवार्य
खनन विभाग ने खनिज परिवहन वाले वाहनों के लिए इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) और जीपीएस (GPS) डिवाइस अनिवार्य कर दिया है, जिससे रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव हो सकी है।
💰 ₹5,000 करोड़ का राजस्व लक्ष्य
सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में ₹5,000 करोड़ के राजस्व संग्रहण का लक्ष्य रखा है। नवादा, औरंगाबाद, गया, शेखपुरा और बांका में पत्थर खनन पट्टों के लिए जल्द ही नई निविदाएं जारी की जाएंगी।


