बिहार में 16 मेडिकल कॉलेज PPP मोड पर चलेंगे, कैबिनेट का फैसला
राज्य सरकार ने 16 मेडिकल कॉलेजों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में देने की दी मंजूरी; PwC को सौंपी गई ट्रांजैक्शन एडवाइजर की कमान
📍 पटना (बिहार)
बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और नीतिगत फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के 16 मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों (डेंटल कॉलेज सहित) को PPP (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल पर संचालित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई।
इस योजना में पावापुरी, मधेपुरा, पूर्णिया, नालंदा के रहुई स्थित डेंटल कॉलेज के साथ-साथ समस्तीपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, वैशाली, भोजपुर, बक्सर, सिवान, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर और सुपौल के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इनका संचालन और प्रबंधन अब निजी क्षेत्र के साथ मिलकर किया जाएगा।
💡 PwC बनी ट्रांजैक्शन एडवाइजर: इस महत्वाकांक्षी मॉडल को लागू करने के लिए प्राइसवाटरहाउसकूपर्स प्राइवेट लिमिटेड (PwC) को निविदा के माध्यम से ₹8.27 करोड़ के शुल्क पर ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त किया गया है।
🏛️ कैबिनेट में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर
कैबिनेट बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें एससी-एसटी मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए 19 जिलों में विशेष अदालतों की स्थापना, राजगीर खेल अकादमी में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का निर्माण, मुंगेर व जमालपुर में जलापूर्ति योजनाएं और पीपराकोठी (पूर्वी चंपारण) में केंद्रीय विद्यालय का निर्माण शामिल है।
🩺 स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की बड़ी उम्मीद
सरकार का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों के संचालन में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता शामिल होने से आधुनिक इलाज, उच्च गुणवत्ता वाले मेडिकल उपकरण, कुशल प्रबंधन और बेहतर चिकित्सा शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।


