बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को 10 गुना बढ़ाने की घोषणा, 38 जिलों में बनेंगे एयरपोर्ट-हेलीपोर्ट
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में हवाई संपर्क को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य की एयर कनेक्टिविटी को 10 गुना बढ़ाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सभी 38 जिलों में एयरपोर्ट या हेलीपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने स्पष्ट किया कि जिन जिलों में बड़े एयरपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी, वहां हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे ताकि हर जिला हवाई मार्ग से जुड़ सके।
मुख्यमंत्री ने कई शहरों में नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना का खुलासा किया। मुजफ्फरपुर, रक्सौल, सहरसा और बीरपुर में एयरपोर्ट के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा मुंगेर, अजगैबीनाथ (सुल्तानगंज), भागलपुर और बेगूसराय में भी एयरपोर्ट चालू करने पर जोर दिया जा रहा है। सीएम ने विधानसभा में कहा कि “मुंगेर, अजगैबीनाथ, भागलपुर और बेगूसराय में एयरपोर्ट हर हाल में चालू किए जाएंगे”।
राजगीर और सासाराम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की तैयारी
बिहार में हवाई संपर्क बढ़ाने की दिशा में दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र में प्रस्तावित इन एयरपोर्ट के लिए जल्द ही भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा संभाव्यता अध्ययन कराया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए समझौता प्रारूप पर अपनी सहमति दे दी है। राजगीर में एयरपोर्ट बनने से पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि यह क्षेत्र बौद्ध पर्यटन सर्किट का अहम हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने की कोशिशों को भी तेज कर दिया है। उन्होंने इस एयरपोर्ट का नाम मिथिला के महान कवि विद्यापति के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा है। इस वर्ष के अंत तक दरभंगा एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन भी शुरू होने की उम्मीद है। सीएम ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने का आग्रह करेंगे।
मुजफ्फरपुर और रक्सौल एयरपोर्ट पर काम तेज
मुजफ्फरपुर के पताही में बन रहे एयरपोर्ट का काम तेजी से चल रहा है। जून 2027 तक इसे चालू करने का लक्ष्य है। एयरपोर्ट की चारदीवारी बनकर तैयार है, जमीन खाली करा ली गई है और एटीसी टावर का निर्माण शुरू हो गया है। 43 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इस एयरपोर्ट में 150 यात्रियों की क्षमता वाला टर्मिनल होगा और शुरुआत में 19 सीटर छोटे विमानों का संचालन किया जाएगा। यह 1970 के बाद पहली बार होगा जब मुजफ्फरपुर से हवाई सेवा शुरू होगी।
रक्सौल एयरपोर्ट का पुनर्निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 1200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत रनवे को बढ़ाकर 2360 मीटर किया जाएगा, जिससे Airbus A320 और Boeing 737 जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा। इस परियोजना के लिए 139 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और राज्य सरकार ने 208 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सीएम ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। रक्सौल एयरपोर्ट के विकसित होने से नेपाल सीमा से सटे इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने पटना के जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार और क्षमता बढ़ाने के काम में तेजी लाने का भी आग्रह किया है, साथ ही राज्य सरकार की पूरी सहायता का आश्वासन दिया है। वर्तमान में बिहार में पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया में हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। पूर्णिया एयरपोर्ट पहले ही चालू हो चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 4-5 करोड़ लोगों को हवाई यात्रा से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस महत्वाकांक्षी योजना से बिहार के दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों को बड़ा लाभ मिलेगा। नए एयरपोर्ट और हेलीपोर्ट न केवल हवाई संपर्क को मजबूत करेंगे, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगे। “हवाई संपर्क ही विकास का नया पंख है” —यह योजना उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
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