भारत टैक्सी: सहकारी राइड-हेलिंग मॉडल ने एक साल में 8 लाख सारथी और 41 लाख ग्राहक जोड़े
नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026। देश की पहली सहकारिता-आधारित (cooperative-led) राइड-हेलिंग सेवा भारत टैक्सी ने अपनी स्थापना के एक वर्ष से भी कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस प्लेटफॉर्म ने अब तक 8 लाख ड्राइवरों (सारथी) और 41 लाख ग्राहकों का पंजीकरण कर लिया है। यह सेवा 6 जून 2025 को बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत की गई थी और इसे आठ राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों—NCDC, IFFCO, Amul (GCMMF), KRIBHCO, NAFED, NABARD, NDDB और NCEL—का समर्थन प्राप्त है।
सारथी-मालिक मॉडल: शून्य कमीशन और लाभ-साझाकरण
भारत टैक्सी का सबसे बड़ा आकर्षण इसका शून्य-कमीशन (zero-commission) और सर्ज-प्राइसिंग-मुक्त मॉडल है। इस व्यवस्था में सारथी (ड्राइवर) सदस्य के रूप में पूरी किराया आय अपने पास रखते हैं, और प्लेटफॉर्म पर कोई अतिरिक्त सुविधा शुल्क या सर्ज चार्ज नहीं लगाया जाता है। सारथी सदस्य केवल ₹500 (₹100 प्रति शेयर के 5 शेयर) की पूंजी खरीदकर सहकारी के सदस्य-मालिक बन सकते हैं और लाभ-साझाकरण तथा शासन (governance) में भाग ले सकते हैं। सहकारी की 20% आय सारथियों के पूंजी खाते में जमा होती है, जबकि 80% उनकी गाड़ियों द्वारा तय दूरी के आधार पर वितरित की जाती है। यह पारंपरिक ‘ड्राइवर-पार्टनर’ मॉडल से ‘सारथी-मालिक’ मॉडल में बदलाव का प्रतीक है।
शहरों में विस्तार और सेवा श्रेणियां
भारत टैक्सी फिलहाल दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, मुंबई, लखनऊ, चंडीगढ़, जयपुर, कानपुर और पुणे सहित कई शहरों में सेवा दे रही है। 25 जुलाई 2026 तक, दिल्ली-एनसीआर में 2.61 लाख, गुजरात में 1.04 लाख, और महाराष्ट्र में 84,332 सारथी पंजीकृत हैं। जयपुर अकेले 30,000 से अधिक सारथियों और 7 लाख ग्राहकों का गवाह है। अगले कुछ महीनों में रांची, पटना, गुवाहाटी, भोपाल, कोलकाता, इंदौर और नागपुर में भी सेवाएं शुरू की जानी हैं, और 2029 तक देशव्यापी उपस्थिति का लक्ष्य है। प्लेटफॉर्म बाइक टैक्सी, ऑटो, इकोनॉमी कैब, प्रीमियम सेडान, एक्सएल कैब (SUV), रेंटल, आउट-स्टेशन और शेड्यूल्ड राइड्स सहित कई श्रेणियों में सेवाएं प्रदान करता है।
यह प्लेटफॉर्म सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्मों—DigiLocker, UMANG और API Setu—से जुड़ा हुआ है, जिससे कागज-रहित ऑनबोर्डिंग और सुरक्षित डिजिटल सत्यापन संभव हो सका है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, DMRC, भारतीय स्टेट बैंक, Paytm और IFFCO Tokio के साथ समझौता ज्ञापनों ने इसके सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘सारथी दीदी’ और ‘बाइक दीदी’ जैसी महिला-केंद्रित पहलों ने महिला यात्रियों के लिए सुरक्षा और महिला ड्राइवरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। फरवरी 2026 तक, 150 से अधिक महिला ड्राइवर इस पहल से जुड़ चुकी थीं। सुरक्षा के लिए लाइव ट्रैकिंग, SOS सपोर्ट, ड्राइवर रेटिंग और पुलिस इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। सारथियों को e-Shram पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा दी जाती है, जिससे वे आयुष्मान भारत (₹5 लाख तक मुफ्त इलाज) और दुर्घटना बीमा (₹5 लाख) जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभों के पात्र बनते हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत टैक्सी को स्थापना या विस्तार के लिए केंद्र से कोई वित्तीय सहायता, इक्विटी समर्थन या प्रोत्साहन नहीं मिला है, और यह अन्य एग्रीगेटरों के साथ समान प्रतिस्पर्धी मैदान में काम करने की उम्मीद करती है। यह पहल सरकार की ‘सहकार से समृद्धि’ की दृष्टि को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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