```php गंगा जल संधि दिसंबर में समाप्ति पर, बांग्लादेश नए समझौते में 'गारंटी क्लॉज' की मांग को लेकर अड़ा - KOSHI VOICE NEWS
⚡ KOSHI VOICE NEWS SPECIAL REPORT

गंगा जल संधि दिसंबर में समाप्ति पर, बांग्लादेश नए समझौते में ‘गारंटी क्लॉज’ की मांग को लेकर अड़ा

📍 ताज़ा अपडेट   |   August 20, 2026

भारत और बांग्लादेश के बीच वर्ष 1996 में हुई गंगा जल संधि इस साल दिसंबर में समाप्त हो रही है। इस बीच, ढाका सरकार ने नए समझौते में ‘गारंटी क्लॉज’ (Guarantee Clause) को शामिल करने की मांग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे अपने जल अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का भी रुख कर सकते हैं।

क्या है ‘गारंटी क्लॉज’ और बांग्लादेश की नाराजगी की वजह?

‘गारंटी क्लॉज’ एक ऐसा प्रावधान है जो नदी के निचले हिस्से (downstream) में बसे देश को न्यूनतम जल प्रवाह की गारंटी देता है, खासकर सूखे के मौसम या जलस्तर में अप्रत्याशित गिरावट के समय। बांग्लादेश का कहना है कि मौजूदा संधि में पानी के बंटवारे का फॉर्मूला तो है, लेकिन तय मात्रा में पानी मिलने की कानूनी गारंटी नहीं है। वे 1977 की संधि का हवाला दे रहे हैं जिसमें यह प्रावधान था, लेकिन 1996 की संधि से इसे हटा दिया गया। ढाका का मानना है कि वर्तमान संधि सूखे के मौसम में पर्याप्त विश्वसनीय जल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करती, क्योंकि एलोकेशन फॉर्मूला पुरानी हाइड्रोलॉजिकल स्थितियों पर आधारित है और ड्राई-सीजन फ्लो अधिक अनिश्चित हो गया है।

फरक्का बैराज विवाद और आगे की राह

गंगा पर स्थित फरक्का बैराज (Farakka Barrage) इस विवाद का एक और बड़ा मुद्दा है, जिसे बांग्लादेश “मौत का जाल” (death trap) कहता रहा है। बांग्लादेश के मंत्री ने आरोप लगाया कि भारत ने फरक्का के बाद गंगा पर 900 बांध और तटबंध बनाए हैं। वहीं, भारत का कहना है कि फरक्का एक डायवर्जन संरचना है और जल-प्रवाह डेटा नियमित रूप से संयुक्त नदी आयोग (Joint Rivers Commission) के माध्यम से साझा किया जाता है। भारत सरकार की ओर से इस संधि पर अभी आधिकारिक वार्ता शुरू नहीं हुई है, हालांकि भारत की संसदीय समिति ने ‘बिना किसी देरी’ के बातचीत शुरू करने की सिफारिश की है। समिति ने सलाह दी है कि वार्ता अद्यतन हाइड्रोलॉजिकल डेटा, जलवायु प्रक्षेपणों और पश्चिम बंगाल व बिहार जैसे राज्यों की चिंताओं पर आधारित होनी चाहिए। अब देखना यह है कि यह पुरानी संधि कैसे और कब नए समझौते का रूप लेती है।


Disclaimer

Koshi Voice News पर प्रकाशित समाचार, लेख, फोटो, वीडियो एवं अन्य सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की जाती है। समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों, बिहार सरकार, बिहार पुलिस, सरकारी विभागों, प्रेस विज्ञप्तियों तथा अन्य मान्यता प्राप्त स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रकाशित किए जाते हैं। कुछ तस्वीरें एवं ग्राफिक्स AI-Generated या सांकेतिक हो सकते हैं। जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि करना उचित होगा।

Grievance Officer: शिकायत, सुझाव या आपत्ति के लिए ईमेल: ceo@koshivoice.in | WhatsApp: +91 92790 09245

#KoshiVoice #तजअपडट #समझ #8216 #8217 #BiharNews

अपनों के साथ साझा करें
cropped 1783962182656

Koshi Voice News Desk

राष्ट्र प्रथम, जन-जन की आवाज़! कोसी वॉइस (Koshi Voice) बिहार और देश-दुनिया की हर ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीतिक हलचल और जमीनी हकीकत को बिना डरे, बिना झुके आप तक पहुँचाने वाला सबसे विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है। निष्पक्ष पत्रकारिता ही हमारा संकल्प है।

Related Posts

मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में बड़ी कार्रवाई: 6 गुमटियों पर छापा, फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप जब्त

मुजफ्फरपुर, 20 अगस्त 2026। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसर (कचहरी) में स्थित 6 गुमटियों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई फर्जी ज्यूडिशियल…

अपनों के साथ साझा करें

मालदा NH-12 पर चलती लॉरी में भीषण आग, दमकल ने पाया काबू, चालक सुरक्षित

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 12 (NH-12) पर एक चलती हुई लॉरी में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना आहोड़ा (गाजोल थाना) के पास की है,…

अपनों के साथ साझा करें

```