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बिहार में 1,500 किमी ग्रामीण सड़कों के लिए टेंडर जारी, आवेदन शुरू

PMGSY के तहत ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ी मजबूती: 1,500 किमी पक्की सड़कों के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू; इच्छुक एजेंसियां 25 अगस्त तक कर सकती हैं आवेदन

📍 पटना (बिहार) | विशेष बुनियादी ढांचा रिपोर्ट

बिहार के ग्रामीण अंचलों में सुगम यातायात और दूर-दराज के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से संचालित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत राज्यभर में कुल 1,500 किलोमीटर नई ग्रामीण पक्की सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण के लिए आधिकारिक ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। इच्छुक निर्माण एजेंसियां, संवेदक और ठेकेदार 25 अगस्त 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

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प्रोजेक्ट हाइलाइट्स

1,500 किमी कुल लंबाई, सभी जिलों में व्यापक नेटवर्क विस्तार, 25 अगस्त 2026 आवेदन की अंतिम तिथि।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के उन सुदूरवर्ती गांवों को प्राथमिकता के आधार पर पक्की सड़कों से जोड़ना है जो अब तक बारहमासी संपर्क मार्ग से वंचित थे। ग्रामीण विकास विभाग एवं पीएमजीएसवाई (PMGSY) सेल द्वारा इस व्यापक परियोजना के लिए आवश्यक बजटीय आवंटन और तकनीकी स्वीकृतियां दे दी गई हैं। ये निर्मित होने वाली सड़कें ग्रामीण इलाकों को सीधे ब्लॉक मुख्यालयों, अनुमंडलों और जिला मुख्यालयों के नेटवर्क से जोड़ेंगी, जिससे ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी।

ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा जारी ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पात्र एवं पंजीकृत निर्माण एजेंसियां राज्य सरकार के निर्धारित विभागीय ई-प्रोक्योरमेंट (e-procurement) ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर टेंडर से जुड़े नियम, शर्तें और विस्तृत दिशा-निर्देश डाउनलोड कर सकती हैं। योग्य ठेकेदारों से तय समय सीमा 25 अगस्त से पहले अपने तकनीकी व वित्तीय प्रस्ताव जमा करने की अपील की गई है।

🌾 ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि व स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया आयाम

1,500 किलोमीटर लंबे इस विशाल सड़क नेटवर्क के बनने से बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। गांवों के सीधे मुख्य बाजार से जुड़ने के कारण स्थानीय किसानों को अपनी फसल, सब्जियां और दुग्ध उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे परिवहन लागत घटेगी और उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा।

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सामाजिक व आर्थिक प्रभाव

स्वास्थ्य सेवाओं, विद्यालयों तक आसान पहुंच और निर्माण कार्य से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का सृजन।

इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस सेवाओं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उच्च शिक्षण संस्थानों तक ग्रामीणों की पहुंच त्वरित हो सकेगी। सड़क निर्माण गतिविधियों के दौरान स्थानीय स्तर पर श्रमिकों और तकनीकी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

बिहार में पीएमजीएसवाई (PMGSY) के तहत 1,500 किमी सड़कों के कायाकल्प की यह पहल हजारों गांवों के लिए जीवन रेखा साबित होगी। बुनियादी ढांचे का यह विकास न केवल संपर्क मार्ग सुधारेगा बल्कि ‘समृद्ध गांव-समृद्ध राज्य’ के संकल्प को धरातल पर उतारेगा।

⚠️ Disclaimer: Koshi Voice News पर प्रकाशित यह सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विभागीय ई-टेंडर सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी आपत्ति या शिकायत हेतु हमारे Grievance Officer (ceo@koshivoice.in) से संपर्क करें।
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