
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार की महत्वाकांक्षी कोसी-मेची अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो लिंक परियोजना को PMKSY-AIBP के तहत मंजूरी दे दी है। ₹6,282.32 करोड़ की इस परियोजना से अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के 2.14 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
सीमांचल और कोसी क्षेत्र के कृषि परिदृश्य को बदलने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार की बहुप्रतीक्षित ‘कोसी-मेची अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना’ को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (PMKSY-AIBP) के तहत शामिल किया गया है, जिससे इसके निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
कुल ₹6,282.32 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार होने वाली इस नदी जोड़ो परियोजना का मुख्य उद्देश्य सीमांचल के विशाल कृषि क्षेत्र को बारहमासी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। इस परियोजना के पूरा होने से सीमांचल के चार प्रमुख जिलों—अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार के लगभग 2,14,813 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सीधा लाभ पहुंचेगा। इससे सिंचाई के लिए मानसून पर किसानों की निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।
परियोजना की रूपरेखा के अनुसार, कोसी नदी के अधिशेष (Surplus) पानी को महानंदा की सहायक नदी ‘मेची’ में डायवर्ट किया जाएगा। इसके लिए पूर्वी कोसी मुख्य नहर का विस्तार कर उसे मेची नदी से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था से न केवल सिंचाई की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि मानसून के दौरान कोसी नदी के तटीय इलाकों में आने वाली विनाशकारी बाढ़ के प्रभाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।
केंद्र और राज्य सरकार के लक्ष्य के अनुसार, इस विशाल परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। कृषि और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने से सीमांचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। फसलों की पैदावार में कई गुना बढ़ोतरी होगी, जिससे स्थानीय किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र से पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, किसान संगठनों और आम जनता ने केंद्र सरकार के इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। लंबे समय से उठ रही इस मांग के पूरे होने से पूरे सीमांचल में खुशी की लहर है। प्रशासनिक स्तर पर भूमि अधिग्रहण और विस्तृत कार्ययोजना (Detailed Action Plan) पर आगे की प्रक्रिया तेजी से शुरू की जा रही है ताकि तय समय सीमा के भीतर काम को पूरा किया जा सके।
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