नेपाल: 7 दलों ने बनाया ‘प्रोग्रेसिव फ्रंट’, PM बालेन्द्र शाह की अपील
नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर: मधेश-केन्द्रित दलों की एकजुटता; काठमांडू में हुआ औपचारिक ऐलान
📍 काठमांडू (नेपाल) | विशेष रिपोर्ट
नेपाल की राजनीति में एक बड़ा और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। देश के सात प्रमुख राजनीतिक दलों ने मिलकर एक नया राजनीतिक गठबंधन ‘प्रोग्रेसिव फ्रंट’ (Progressive Front) बनाया है। इस गठबंधन का औपचारिक ऐलान 8 अगस्त 2026 को काठमांडू के थापागांव स्थित काठमांडू बैंक्वेट में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह नया मोर्चा नेपाल की राजनीति में मधेशी वोट बैंक को एकजुट करने की कोशिश है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने हाल के चुनावों में बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन अब इस नए मोर्चे के गठन से सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
🛡️ प्रधानमंत्री की अपील: प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सामाजिक सद्भाव को देखते हुए सभी पक्षों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की है।
🤝 गठबंधन में शामिल 7 प्रमुख दल
‘प्रोग्रेसिव फ्रंट’ में शामिल सात दलों में जनता समाजवादी पार्टी (JSP) नेपाल, जनमत पार्टी, आम जनता पार्टी, नागरिक उन्मुक्ति पार्टी नेपाल, नेपाल संघीय समाजवादी पार्टी और बहुजन एकता पार्टी नेपाल शामिल हैं। इसके अलावा, प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी भी इस गठबंधन का हिस्सा है।
🔍 क्या होगा आगामी समीकरण?
‘प्रोग्रेसिव फ्रंट’ के गठन से नेपाल की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। यह गठबंधन मुख्य रूप से मधेश-केन्द्रित क्षेत्रीय दलों का एक समूह है, जिसका उद्देश्य साझा राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाना है। यह आगामी स्थानीय चुनावों और संसदीय गतिविधियों में अहम भूमिका निभा सकता है।



