नेपाल में वैदेशिक रोजगार ठप, मैनपॉवर एजेंसियों की हड़ताल
NAFEA ने सरकार को दिया 15 सूत्रीय अल्टीमेटम; विदेश जाने वाले लाखों युवाओं की प्रक्रिया रोकी, रेमिटेंस पर संकट
📍 काठमांडू (नेपाल) | विशेष रिपोर्ट
नेपाल के वैदेशिक रोजगार क्षेत्र में अचानक एक बड़ा संकट गहरा गया है। नेपाल एसोसिएशन ऑफ फॉरेन एम्प्लॉयमेंट एजेंसियों (NAFEA) ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर सरकार द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर शुक्रवार से श्रमिकों को विदेश भेजने की पूरी संस्थागत प्रक्रिया तत्काल रोकने की घोषणा कर दी है।
इस बड़े फैसले से खाड़ी देशों, मलेशिया और यूरोप जाने की तैयारी कर रहे लाखों नेपाली युवाओं का भविष्य अनिश्चित हो गया है। साथ ही नेपाल की अर्थव्यवस्था की मुख्य रीढ़ माने जाने वाले रेमिटेंस (Remittance) प्रवाह पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
🚨 प्रमुख मांगें: 771 मैनपॉवर कंपनियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने को रद्द करना, पारदर्शी व वैज्ञानिक सेवा शुल्क लागू करना और ‘फ्री वीजा, फ्री टिकट’ नीति में व्यावहारिक संशोधन करना शामिल है।
📉 अर्थव्यवस्था और जीडीपी के लिए बड़ा झटका
उल्लेखनीय है कि नेपाल की कुल जीडीपी (GDP) का लगभग एक-तिहाई हिस्सा वैदेशिक रोजगार से आने वाले प्रेषण से चलता है। पिछले वर्ष 4 लाख से अधिक नेपाली युवाओं ने श्रम स्वीकृति ली थी, जिनमें 66% मैनपॉवर एजेंसियों के जरिए गए थे।
🔍 जब तक संशोधन नहीं, तब तक काम बंद
NAFEA अध्यक्ष दिक बहादुर खत्री ने स्पष्ट किया है कि जब तक वैदेशिक रोजगार अधिनियम में सुधार और संस्थागत श्रम स्वीकृति के रास्ते सुगम नहीं बनाए जाते, तब तक एजेंसियां किसी भी नए श्रमिक की प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगी।


