बिहार में SC/ST मामलों के लिए बनेंगी 19 विशेष अदालतें
बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला; त्वरित न्याय के लिए 19 जिलों में खुलेंगी स्पेशल कोर्ट्स, 171 नए पदों को दी मंजूरी
📍 पटना (बिहार)
बिहार सरकार ने राज्य की न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने और पीड़ितों को तेजी से न्याय दिलाने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु राज्य के 19 जिलों में 19 अनन्य विशेष न्यायालयों (Special Courts) की स्थापना को मंजूरी दी गई।
इन विशेष अदालतों के सुचारू रूप से संचालन के लिए अपर सत्र न्यायाधीशों के 19 पदों सहित कुल 171 नए अराजपत्रित पदों के सृजन को भी हरी झंडी दी गई है।
⚖️ इन 19 जिलों को मिलेगी सुविधा: पश्चिम चंपारण, मधुबनी, भोजपुर, सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय।
🏛️ भ्रष्टाचार निवारण के लिए भी खुलेंगे 3 अतिरिक्त कोर्ट
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया गया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमों की तेजी से सुनवाई के लिए पटना में 2 तथा मुजफ्फरपुर में 1 अतिरिक्त विशेष अदालत गठित करने को भी मंजूरी दी गई है।
🚀 खेल नीति और विकास से जुड़े अन्य फैसले
कैबिनेट की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। इनमें ‘बिहार खेल नीति 2026’ को मंजूरी, राजगीर खेल अकादमी में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का निर्माण, 16 मेडिकल कॉलेजों को PPP मोड पर चलाने हेतु एडवाइजर नियुक्ति और पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना शामिल हैं।


