
संसद के दोनों सदनों से मिली मंजूरी; देर से रजिस्ट्रेशन कराने पर लागू होंगे सख्त नियम, डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम होगा मजबूत
📍 नई दिल्ली | संसद भवन
संसद के मानसून सत्र में एक बड़ी विधायी सफलता हासिल करते हुए राज्यसभा ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है। लोकसभा से पहले ही पारित हो चुके इस महत्वपूर्ण विधेयक का उद्देश्य देश में जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और पारदर्शी बनाना है।
नए संशोधन कानून के तहत जन्म और मृत्यु का देर से पंजीकरण (Delayed Registration) कराने वाले मामलों में नियमों को अधिक कड़ा और व्यवस्थित किया जाएगा। केंद्र सरकार का मानना है कि समय पर पंजीकरण सुनिश्चित होने से देश के नागरिकों का डेटा अधिक सटीक और डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।
💡 मुख्य उद्देश्य: फर्जी या गलत पंजीकरण पर प्रभावी रोक लगाना, डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था को सुदृढ़ करना और सरकारी सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच को और अधिक सरल बनाना।
🏛️ हंगामे के बीच पारित हुआ विधेयक
संसद में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से तीखा विरोध और नारेबाजी भी देखने को मिली। हालांकि, व्यापक बहस के बाद इसे उच्च सदन से पारित कर दिया गया। अब इसे कानून का रूप लेने के लिए अंतिम चरण में महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु भेजा जाएगा।
📋 राष्ट्रपति की मुहर के बाद अधिसूचित होंगे नए नियम
सरकार का कहना है कि राष्ट्रपति की सहमति मिलते ही देश भर में इस नए संशोधन कानून की विस्तृत नियमावली और प्रक्रियाएं आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दी जाएंगी। इससे भविष्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी और आम नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में सहूलियत होगी।


