NTA की स्कैन कॉपी से उत्तर न मिलने का आरोप; 6 अभ्यर्थियों ने सर्वोच्च न्यायालय से तत्काल दखल की मांग की
📍 नई दिल्ली | शिक्षा विभाग
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में आ गई है। छह परीक्षार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर कर गंभीर आरोप लगाए हैं कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा जारी की गई उनकी OMR शीट की स्कैन कॉपी में उत्तरों की विसंगतियां हैं।
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि परीक्षा केंद्र पर उन्होंने OMR शीट में जिन सही उत्तरों को चिह्नित किया था, वे NTA के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि उनकी वास्तविक मार्किंग के आधार पर मूल्यांकन हो, तो उनके अंक 600 से 650 से अधिक बनते हैं।
💡 मुख्य चिंता: कथित OMR गड़बड़ी के कारण अंतिम स्कोर और रैंक में भारी गिरावट आई है, जिससे मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की उनकी संभावना खतरे में है।
🏫 काउंसलिंग प्रक्रिया से पहले सुनवाई की मांग
इस विसंगति के कारण होने वाले शैक्षणिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए, छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट से काउंसलिंग प्रक्रिया (Counseling Process) शुरू होने से पहले याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई है। शीर्ष अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस पर जल्द सुनवाई के लिए अपनी सहमति दे दी है।
NEET UG परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। सभी की नज़र सुप्रीम कोर्ट के फैसले और NTA के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हुई है।
📋 NTA के रुख का इंतज़ार
Koshi Voice News स्पष्ट करता है कि अभी तक छात्रों के इन आरोपों पर NTA या किसी अदालत का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है। इन दावों की सत्यता का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और आवश्यक जांच के बाद ही होगा। मामले की सुनवाई काउंसलिंग प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है।



