
कोलकाता के 500 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू; ISKCON देगा सात्विक भोजन और स्वयं सहायता समूह देंगे अंडे, रसोइयों का मानदेय बढ़कर ₹3,000 हुआ
📍 कोलकाता
पश्चिम बंगाल सरकार ने व्यापक आलोचना और विवाद के बाद बड़ा फैसला लेते हुए शनिवार, 1 अगस्त 2026 से सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में अंडे की सप्लाई फिर से बहाल कर दी है।
इसके साथ ही, राज्य सरकार ने कोलकाता के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में भोजन तैयार करने और वितरण की जिम्मेदारी एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस्कॉन (ISKCON) को सौंपी है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में ISKCON के मेगा किचन का औपचारिक उद्घाटन किया।
“ISKCON शुद्ध शाकाहारी भोजन देगा, जबकि SHG के माध्यम से हफ्ते में दो बार उबले अंडे अलग से दिए जाएंगे। प्रति भोजन आवंटन ₹6.78 से बढ़ाकर ₹10 कर दिया गया है।”
🍱 ISKCON का पायलट प्रोजेक्ट: 44,000 बच्चों को सीधा लाभ
ISKCON का यह प्रोजेक्ट कोलकाता के 500 स्कूलों से शुरू हुआ है, जिससे शुरुआती दौर में 44,000 छात्र लाभान्वित होंगे। अगले तीन महीनों में इसका दायरा बढ़ाकर 2.5 लाख छात्रों तक करने का लक्ष्य रखा गया है। भोजन ताराताला स्थित ‘अन्नमृत’ फाउंडेशन के अत्याधुनिक मेगा किचन में तैयार होगा।
👩🍳 रसोइयों के लिए राहत और मानदेय में वृद्धि
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले से कार्यरत रसोइयों की नौकरी सुरक्षित रहेगी। इसके साथ ही उनके मासिक मानदेय को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दिया गया है। इस फैसले से राज्य के मिड-डे मील से जुड़े सभी विवादों पर विराम लग गया है।



