
बाजरा, ज्वार, सोयाबीन और मूंगफली के दामों में बंपर इजाफा; रियल-टाइम जीपीएस फोटो से तुरंत मिलेगा फसल बीमा क्लेम
📍 नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने देश के अन्नदाताओं की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए दो बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। खरीफ सीजन 2026 के लिए प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹300 प्रति क्विंटल तक का इजाफा किया गया है। इसके साथ ही डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिए क्रांतिकारी ‘ई-फसल’ (e-Fasal) मोबाइल ऐप आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 1 अगस्त 2026 से देशभर की सभी 714 कृषि उपज मंडियों में यह डिजिटल फसल सर्वे प्रणाली अनिवार्य कर दी जाएगी, जिससे किसानों को फसल बीमा दावों के त्वरित भुगतान में मदद मिलेगी।
“बाजरा में ₹250, ज्वार में ₹300, सोयाबीन में ₹200 और मूंगफली में ₹280 प्रति क्विंटल की MSP बढ़ोतरी से खरीफ सीजन में किसानों को सीधा फायदा होगा।”
📱 ‘ई-फसल’ ऐप: बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
नया ‘ई-फसल’ ऐप किसानों को अपने खेत की रियल-टाइम फोटो और जीपीएस (GPS) लोकेशन के साथ बोई गई फसल का सटीक ब्योरा खुद दर्ज करने की सुविधा देता है। इससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत मिलने वाले क्लेम में पटवारियों और बिचौलियों द्वारा होने वाली देरी व गड़बड़ियों का स्थायी समाधान होगा।
कोशी-सीमांचल क्षेत्र के किसानों में उत्साह, ट्रेनिंग की मांग
कोशी क्षेत्र (सुपौल, अररिया, पूर्णिया) के मूंगफली, मक्का और सोयाबीन उत्पादक किसानों ने MSP में बढ़ोतरी का स्वागत किया है। हालांकि, स्थानीय किसान नेताओं और प्रगतिशील किसानों ने मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में तकनीकी रूप से कमजोर और बुजुर्ग किसानों के लिए ऐप के इस्तेमाल हेतु विशेष जागरूकता व प्रशिक्षण शिविर (Training Camps) आयोजित किए जाएं।



