
गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु में बनेंगी सिलिकॉन चिप फैक्ट्रियां; 5G से 100 गुना तेज इंटरनेट स्पीड देने वाली 6G तकनीक की तैयारी
📍 नई दिल्ली
भारत की डिजिटल और सेमीकंडक्टर (अर्धचालक) क्रांति को आज एक ऐतिहासिक दोहरी सौगात मिली है। एक ओर भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत ₹2.5 लाख करोड़ के भारी निवेश से गुजरात (धोलेरा), ओडिशा (भुवनेश्वर) और तमिलनाडु (होसुर) में 3 नई सिलिकॉन चिप फैक्ट्रियों (Fab) की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
वहीं दूसरी ओर, दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश के 5 प्रमुख शहरों—मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद—में 6G ट्रायल स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया है। इस कदम के साथ भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो अगली पीढ़ी की 6G तकनीक का परीक्षण कर रहे हैं।
“2028 तक भारत में 28nm और 14nm एडवांस चिप्स का उत्पादन शुरू होगा, जिससे चीन व ताइवान पर निर्भरता घटेगी। वहीं 6G नेटवर्क 5G की तुलना में 100 गुना अधिक इंटरनेट स्पीड देगा।”
📱 6G तकनीक से बदलेगी डिजिटल दुनिया
6G तकनीक में 100 Gbps तक की अकल्पनीय इंटरनेट स्पीड देने का दावा किया गया है। यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोनॉमस (सेल्फ-ड्राइविंग) वाहनों, और होलोग्राफिक कम्युनिकेशन जैसी भविष्य की तकनीकों को धरातल पर उतारेगी। 2027 के अंत तक इसके पहले कमर्शियल रोल-आउट की संभावना जताई जा रही है।
बिहार और कोशी क्षेत्र के युवाओं के लिए अपार अवसर
यद्यपि ये प्रोजेक्ट्स औद्योगिक राज्यों में शुरू हो रहे हैं, लेकिन इसका व्यापक लाभ देश भर के युवाओं को मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतें कम होने के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम सेक्टर में आने वाले 5-10 वर्षों में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं के लिए करियर की नई राहें खुलेंगी।



