
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर प्रियंका गांधी का बड़ा बयान, कहा- ‘फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट्स का रिकॉर्ड निराशाजनक, CBI वकील भी सुनवाई में अनुपस्थित’
📍 नई दिल्ली | लोकसभा
संसद के निचले सदन लोकसभा में कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने देश की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार संकट और युवाओं के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने संसद के पटल से सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश के युवाओं का भरोसा खोखले दावों या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि सच्चाई और ठोस कदमों से ही जीता जा सकता है।
प्रियंका गांधी ने न्याय प्रणाली और जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक अदालतों का रिकॉर्ड उम्मीद के मुताबिक संतोषजनक नहीं रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि महत्वपूर्ण मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई (CBI) का वकील तक अदालत में उपस्थित नहीं हुआ, जो सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।
“विपक्ष पर दोष मढ़ने से देश के युवाओं का भला नहीं होगा। यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सचमुच युवाओं का विश्वास जीतना चाहते हैं, तो उन्हें रोजगार और शिक्षा पर पारदर्शी नीतियां बनानी होंगी।” — प्रियंका गांधी
विशेषज्ञों से संवाद और नई शिक्षा व्यवस्था की मांग
प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि देश में एक व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी शिक्षा प्रणाली तैयार करने के लिए सरकार को राजनीतिक पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया।
लोकसभा में दिए गए उनके इस भाषण के बाद संसद से लेकर राजनीतिक गलियारों तक शिक्षा, न्याय प्रणाली और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।



