
भागलपुर के बहुचर्चित काजवलीचक बम ब्लास्ट मामले में अदालत ने अपना अहम फैसला सुना दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए दो मुख्य दोषियों मो. आजाद और नवीन मंडल को 10-10 साल के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह भीषण धमाका 3 मार्च 2022 की रात तातारपुर थाना क्षेत्र के काजवलीचक स्थित एक रिहाइशी मकान में अवैध पटाखा निर्माण के लिए रखे गए विस्फोटकों के कारण हुआ था। इस हादसे में कुल 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और आसपास के चार मकान जमींदोज हो गए थे।
मामले की पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक (APP) हेमकांत झा ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों और गवाही के आधार पर आईपीसी की धारा 304 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं में दोनों को दोषी पाया, जबकि तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
कोर्ट के इस फैसले के बाद दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। पीड़ित परिवारों ने लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले पर राहत जताई है, वहीं स्थानीय प्रशासन और पुलिस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क नजर आ रही है।
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