Koshi Flood & Erosion: नेपाल में बारिश से उफान पर कोसी नदी, सुपौल, सहरसा, कटिहार और खगड़िया में बाढ़ से तबाही, 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित

नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। सुपौल, सहरसा, कटिहार और खगड़िया जिलों में बाढ़ और कटाव से 20 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ और कटाव का भीषण संकट गहरा गया है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी उफान पर है और इसका जलस्तर अत्यंत खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने राज्य के चार प्रमुख जिलों—सुपौल, सहरसा, कटिहार और खगड़िया में भारी तबाही मचाई है, जिससे अब तक 20 लाख से अधिक की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।

सबसे चिंताजनक स्थिति सुपौल जिले से सामने आ रही है, जहां कोसी नदी के तीव्र कटाव ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का बहाव इतना तेज है कि तटीय इलाकों में तेजी से मिट्टी धंस रही है, जिसके कारण कई गांव कटाव की चपेट में आ गए हैं। इस भीषण कटाव में अब तक 30 से अधिक परिवारों के घर नदी की धार में विलीन हो चुके हैं, जिससे ये लोग पूरी तरह से बेघर हो गए हैं और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

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वहीं खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड समेत सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों में भी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट चुका है और खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। खगड़िया में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने कटावरोधी कार्य (Erosion Control Work) युद्धस्तर पर शुरू कर दिए हैं ताकि आबादी वाले इलाकों को नदी के प्रकोप से बचाया जा सके।

आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कैंप कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावें चलाई जा रही हैं और राहत सामग्रियां बांटी जा रही हैं। कटाव पीड़ितों के लिए अस्थाई आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जा रही है।

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प्रशासनिक अधिकारियों ने निचले इलाकों और तटबंधों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीमें तटबंधों की सुरक्षा पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही हैं। मौसम विभाग द्वारा आगे भी बारिश की संभावना जताए जाने से इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

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Koshi Voice News Desk

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